शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में आयोजित एक निजी कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए तीखा लेकिन संयमित रुख अपनाया। जब उनसे सत्ता पक्ष के नेता ओपी राजभर द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा “क्या मेरे घर बुलडोजर चलवाना चाहते हो? सवाल सत्ता पक्ष से होना चाहिए, हम तो विपक्ष में हैं।” दरअसल, सिद्दीकी शनिवार शाम ‘भारतीय सर्व धर्म एकता समिति’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया ने उनसे पूछा कि ओपी राजभर उन्हें “दगाबाज कारतूस” कह रहे हैं। इस पर सिद्दीकी ने सीधा पलटवार करने से बचते हुए कहा कि वह राजभर को लंबे समय से जानते हैं और उनके बयान देने का तरीका अलग है।
मुझे जबाव देना आता है पर मेरी परवरिश और संस्कार इसकी इजाजत नहीं देती- सिद्दीकी
उन्होंने कहा, “राजभर पहले बसपा में थे, वह किसी के लिए भी कुछ भी कह सकते हैं। जवाब देना मुझे भी आता है, लेकिन मेरी परवरिश और संस्कार इसकी इजाजत नहीं देते।” सिद्दीकी का यह बयान राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि उनके शब्दों में सत्ता पक्ष पर तंज साफ नजर आया। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी सिद्दीकी ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, इसलिए सवाल भी उन्हीं से पूछे जाने चाहिए। “ना इस वक्त सपा की सरकार है, ना बसपा की। सत्ता में भाजपा है, जवाबदेही भी उसी की है,” उन्होंने कहा। इसके साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।
पूर्व मंत्री आजम खान के मुद्द पर भी रखी अपनी राय
पूर्व मंत्री ने आजम खान के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आजम खान एक बड़े और अनुभवी नेता हैं, और उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। सिद्दीकी का यह बयान पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है। अपने राजनीतिक सफर पर बात करते हुए सिद्दीकी ने साफ किया कि अब वह पूरी तरह समाजवादी विचारधारा के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सपा सभी जातियों और वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। “हमने ईद और होली मिलन जैसे कार्यक्रम एक साथ आयोजित किए हैं। अब तक 52 जगहों पर ऐसे आयोजन कर चुके हैं और आगे भी जारी रखेंगे,” उन्होंने बताया। गौरतलब है कि सिद्दीकी का नाम बसपा सरकार के दौरान एनआरएचएम घोटाले में सामने आया था, जिसके चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि, अब वह सपा के साथ नई राजनीतिक पारी खेल रहे हैं और खुद को पूरी तरह समाजवादी विचारधारा के प्रति समर्पित बता रहे हैं।