यूपी में डीजल कीमतें पश्चिम बंगाल और केरल से कम, किसानों की समस्याओं पर विधानसभा में बहस

KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश विधानसभा में किसानों की समस्याओं और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर सपा विधायक अनिल प्रधान ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर किसानों की जमीन औने-पौने दामों पर ली जा रही है, जबकि किसान कर्ज और मौसम की अनिश्चितता से परेशान हैं। इसके अलावा, अन्ना पशु फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं और किसानों को खाद लेने के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ता है, साथ ही कभी-कभी पुलिस की कार्रवाई का भी सामना करना पड़ता है। सपा विधायक ने यह भी कहा कि डीजल की बढ़ती कीमतें किसानों की महंगाई और उत्पादन लागत को बढ़ा रही हैं।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधानसभा में जवाब देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में डीजल की कीमतें लगभग 20 राज्यों में सबसे कम हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यूपी में डीजल पर वैट भी पिछले तीन साल से नहीं बढ़ाया गया है, इसलिए सपा विधायक का सवाल निराधार है।

मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन लागत घटाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है जिससे किसान सीधे लाभान्वित हो रहे हैं।

सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों के लिए जमीन की आवश्यकता होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों से मार्केट रेट पर मुआवजा लिया जाता है और उनकी सहमति के बाद ही कार्य किए जाते हैं।

सपा पर कटाक्ष करते हुए मंत्री ने कहा, “यूपी के लोग नहीं भूल सकते कि सपा सरकार में अनिल अंबानी के लिए नोएडा और गाजियाबाद में गोलियां चलवाई गई थीं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान योगी सरकार किसानों के हित में काम कर रही है और उन्हें उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाता है।

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