प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य और प्रशासन विवाद पर डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने की शांतिपूर्ण समाधान की अपील

डिजिटल डेस्क- प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच चल रहा विवाद पिछले आठ दिनों से सुर्खियों में है। इस मामले को सुलझाने के लिए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने शंकराचार्य से विवाद समाप्त करने की शांति पूर्ण प्रार्थना की है। डिप्टी CM ने कहा कि उन्होंने भगवान शंकराचार्य से हाथ जोड़कर विनती की है कि कृपा पूर्वक वे अपना विरोध समाप्त करें और पवित्र संगम में स्नान कर एक अनुकूल संदेश दें। डिप्टी CM मौर्या ने स्पष्ट किया कि उनकी यह प्रार्थना पूरी निष्ठा और श्रद्धा के साथ की गई है, लेकिन अभी उनका स्वयं का इस विवाद स्थल पर जाने का कोई कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि अधिकारियों को मामले का समाधान निकालने के लिए समय पर कार्रवाई करनी चाहिए थी।

शंकराचार्य एक बहुत बड़े संत, उनका सम्मान करना हमारा धर्म और कर्तव्य- केशव प्रसाद मौर्य

केशव प्रसाद मौर्या ने बताया कि प्रशासन ने इस मुद्दे की जांच कर समाधान निकालने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा, “हमने कहा था कि इसकी जांच कर जो भी समाधान निकलेगा, वह निकाला जाएगा। लेकिन फिलहाल मेरा वहां जाने का कोई कार्यक्रम नहीं है। मेरी प्रार्थना एक बार फिर से यही है कि यदि विरोध समाप्त कर संगम स्नान किया जाए तो यह एक सकारात्मक और अच्छा संदेश होगा।” वहीं, शंकराचार्य के राजनीतिक विषय पर टिप्पणी करने के सवाल पर डिप्टी CM ने कहा कि शंकराचार्य कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी संत द्वारा यह कहना कि किसको मुख्यमंत्री होना चाहिए या नहीं, हमारी मर्यादा के अनुसार उपयुक्त नहीं है। मौर्या ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य एक बहुत बड़े संत हैं, उनका सम्मान करना हमारा धर्म और कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री स्तर से विवाद के समाधान के प्रयास किये जा रहे हैं- केशव प्रसाद मौर्य

डिप्टी CM ने शंकराचार्य का हृदय से स्वागत किया और कहा कि प्रयागराज माघ मेले में उनका आगमन अत्यंत पवित्र और गौरवपूर्ण है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और संत के चरणों में प्रार्थना कर उनका सम्मान करें। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री स्तर से भी इस विवाद के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं और उनके स्तर से प्रार्थना की जा रही है। केशव प्रसाद मौर्या ने जोर देकर कहा कि प्रशासन और सरकार पूरी तरह से संत और मेले की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शंकराचार्य का विरोध किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से यह देखा जाना चाहिए। मौर्या ने जनता और प्रशासन से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और संत की प्रार्थना को सम्मान दें। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस विवाद का समाधान जल्दी ही निकलेगा और संगम स्नान के माध्यम से एक सकारात्मक संदेश पूरे प्रदेश और देश को मिलेगा।

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