दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू, वायु प्रदूषण पर विपक्ष का हंगामा

KNEWS DESK- दिल्ली विधानसभा का चार दिवसीय शीतकालीन सत्र सोमवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्षी विधायकों ने वायु प्रदूषण के मुद्दे पर हंगामा किया, जिससे स्पीकर को कार्रवाई करनी पड़ी और विपक्ष के तीन विधायकों—कुलदीप कुमार, सोमदत्त और संजीव झा—को सदन से बाहर निकाल दिया गया।

आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर भाजपा सरकार को घेरने की तैयारी के तहत मास्क पहनकर विधानसभा में प्रवेश किया। नेता प्रतिपक्ष और आप नेता आतिशी ने कहा कि राजधानी में पिछले चार महीनों से लोग सांस नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार वायु गुणवत्ता निगरानी (AQI) डेटा को मैनिपुलेट कर रही है और ग्रैप को सही तरीके से लागू नहीं कर रही है। आतिशी ने कहा, “आज दिल्ली की जनता को सांस लेने के लिए मास्क पहनने पड़ रहे हैं। हमारी यह पहल जनता की आवाज बनकर भाजपा सरकार के भंडाफोड़ के लिए है।”

उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अपने अभिभाषण में पिछले 10 महीनों में दिल्ली सरकार द्वारा नागरिकों के कल्याण के लिए किए गए कदमों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने महात्मा गांधी के सर्वोदय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और बाबा साहब अंबेडकर के समता के सिद्धांतों के अनुरूप काम किया है। इस वर्ष दिल्ली सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया और “इज ऑफ डूइंग बिजनेस” के तहत व्यवसायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया।

वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र पॉलिसी और डिलीवरी पर चर्चा का अवसर है। उन्होंने सभी विधायकों से अपील की कि वे प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस में हिस्सा लें और दिल्ली को बेहतर समाधान देने के लिए मिलकर काम करें। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह सत्र बहुत महत्वपूर्ण है और इसका हर पल दिल्ली की भलाई के लिए इस्तेमाल होना चाहिए।”

शीतकालीन सत्र 8 जनवरी तक चलेगा, हालांकि जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है। इस सत्र में वायु प्रदूषण, बजट और नागरिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।