डिजिटल डेस्क- दिल्ली विधानसभा ने बृहस्पतिवार को विपक्ष की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को निर्देश दिया है कि वे हाल ही में संपन्न शीतकालीन सत्र के दौरान सिख गुरुओं के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में अपना लिखित बयान प्रस्तुत करें। विधानसभा की विशेषाधिकार समिति की अध्यक्ष ने आतिशी से 19 जनवरी तक जवाब दाखिल करने को कहा है। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय द्वारा उन्हें औपचारिक पत्र भेजा गया है। यह मामला छह जनवरी को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान उस समय सामने आया, जब शहादत की 350वीं बरसी के अवसर पर दिल्ली सरकार की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर सदन में चर्चा हो रही थी। इसी चर्चा के दौरान आतिशी पर आरोप लगा कि उन्होंने सिख गुरुओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही बाधित हो गई। इसके बाद यह मुद्दा एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है, जिसमें दिल्ली में सत्तारूढ़ भाजपा और पंजाब में सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी आमने-सामने हैं।
शीतकालीन सत्र के दौरान विस अध्यक्ष के निर्देशों का किया था उल्लंघन
विधानसभा सचिवालय द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि छह जनवरी को शीतकालीन सत्र की कार्यवाही के दौरान आतिशी ने विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशों का उल्लंघन किया। पत्र के अनुसार, आतिशी ने दिल्ली में प्रदूषण पर चर्चा की मांग की, जबकि विधानसभा अध्यक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि इस विषय पर बहस अगले दिन के लिए सूचीबद्ध है। इसी दौरान कथित तौर पर सिख गुरुओं के खिलाफ की गई टिप्पणी के कारण सदन में भारी शोर-शराबा हुआ और कार्यवाही बाधित हुई। पत्र में यह भी कहा गया है कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने आतिशी से सदन में उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बाद से आतिशी ने विधानसभा की कार्यवाही में भाग नहीं लिया है। इसके चलते विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया।
पंजाब पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया, जब पंजाब पुलिस ने आतिशी से जुड़े कथित तौर पर छेड़छाड़ किए गए वीडियो क्लिप के इस्तेमाल और प्रसार को लेकर जालंधर में प्राथमिकी दर्ज की। आरोप है कि सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो में विधानसभा की कार्यवाही को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। दूसरी ओर, दिल्ली विधानसभा ने विशेषाधिकार के उल्लंघन के मामले में राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों से जवाब भी तलब किया है। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा और भाजपा विधायकों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए विधानसभा रिकॉर्डिंग के वीडियो क्लिप की फोरेंसिक जांच के निर्देश दिए हैं। इन वीडियो क्लिप में आतिशी पर सिख गुरुओं का अपमान करने का आरोप लगाया गया है। अध्यक्ष का कहना है कि सच्चाई सामने लाने के लिए तकनीकी जांच जरूरी है।