KNEWS DESK- असम विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में सियासी माहौल और गर्म हो गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित घर पर असम पुलिस की कार्रवाई के बाद यह विवाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
मंगलवार को असम पुलिस की टीम, दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर राजधानी के निजामुद्दीन इलाके में पवन खेड़ा के घर पहुंची। हालांकि, उस समय खेड़ा घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन पुलिस ने दावा किया कि जांच के दौरान कुछ “आपत्तिजनक दस्तावेज” बरामद हुए हैं। इन दस्तावेजों की जांच अब आगे की कार्रवाई के लिए की जा रही है।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइंया सरमा पर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं और विदेशों में संपत्तियां भी हैं।
कांग्रेस की ओर से यह भी सवाल उठाया गया कि क्या सरमा परिवार की दुबई में संपत्ति है, क्या अमेरिका के व्योमिंग में कंपनियां हैं और क्या उनकी पूंजी शेल कंपनियों में निवेश की गई है। ये आरोप 9 अप्रैल को होने वाली वोटिंग से ठीक पहले लगाए गए, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमा गया।
इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने इन्हें पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी ने पवन खेड़ा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और झूठे आरोपों के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, कांग्रेस नेताओं ने भी अपने आरोपों पर कायम रहते हुए मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से सफाई देने और संपत्तियों का हलफनामा प्रस्तुत करने की मांग की है।
चुनाव से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई और आरोप-प्रत्यारोप ने असम की राजनीति को और अधिक उग्र बना दिया है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि जांच में क्या सामने आता है और इसका चुनावी परिणामों पर क्या असर पड़ता है।