KNEWS DESK- नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। Bill Gates ने किसी कारणवश समिट में प्रस्तावित अपना संबोधन नहीं देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जानकारी Bill & Melinda Gates Foundation ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की।
फाउंडेशन की ओर से बताया गया कि गेट्स की जगह अब अंकुर वोरा समिट को संबोधित करेंगे, जो फाउंडेशन के अफ्रीका और इंडिया हेड हैं। आयोजकों के मुताबिक यह निर्णय इस उद्देश्य से लिया गया है कि सम्मेलन का फोकस उसके मुख्य विषयों और प्राथमिकताओं पर केंद्रित रहे। अंकुर वोरा का संबोधन फाउंडेशन की पहलों और भविष्य की रणनीतियों पर आधारित होगा।दिल्ली में आयोजित इस एआई समिट में Emmanuel Macron भी भाग लेंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi 19 फरवरी को शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन सत्र में मैक्रों सहित लगभग 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति रहेगी।
गेट्स फाउंडेशन ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का भारत में चल रहे उसके कार्यों या साझेदारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। फाउंडेशन स्वास्थ्य, नवाचार और विकास से जुड़े लक्ष्यों पर भारत सरकार और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर काम करता रहेगा। यह निर्णय केवल कार्यक्रम प्रबंधन से जुड़ा है।
दिल्ली में आयोजित इस एआई समिट में Emmanuel Macron भी भाग लेंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी सचिव एस. कृष्णन के अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi 19 फरवरी को शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन सत्र में मैक्रों सहित लगभग 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति रहेगी।
इस बीच Rishi Sunak ने भी एआई समिट 2026 के दौरान भारत की संभावनाओं पर टिप्पणी की। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि भारत अपने विशाल प्रतिभा भंडार और मजबूत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के आधार पर एआई क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की स्थिति में पहुंच सकता है।
एक संवाद सत्र में, जिसका आयोजन Carnegie India ने Observer Research Foundation और अन्य साझेदारों के साथ किया, सुनक ने कहा कि एआई को लेकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अलग दृष्टिकोण हैं। उनके अनुसार, “भारत में एआई को लेकर जबरदस्त आशावाद है, जबकि पश्चिमी देशों में इस समय प्रमुख भावना चिंता की है।”
दिल्ली एआई समिट 2026 को वैश्विक तकनीकी नीति, नवाचार और सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां एआई के भविष्य की दिशा तय करने पर गहन चर्चा हो रही है।