देहरादून: एचआरटीसी की बस गहरी खाई में गिरी, तीन की मौत, 30 से ज्यादा यात्री थे सवार

डिजिटल डेस्क- उत्तराखंड के देहरादून जिले से मंगलवार सुबह एक बड़ी और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। कालसी क्षेत्र के हरिपुर–क्वानू मीनस मार्ग पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण सड़क हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य के लिए पुलिस व एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस हिमाचल प्रदेश से पांवटा साहिब की ओर जा रही थी। हादसा मंगलवार सुबह हरिपुर क्वानू मीनस रोड पर हुआ, जो कि पहाड़ी और संकरी सड़क के लिए जाना जाता है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बस में करीब 30 से अधिक यात्री सवार थे। हादसे के वक्त बस अचानक अनियंत्रित हुई और सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी।

एसडीआरएफ ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम देहरादून (CCR) ने मामले की जानकारी संबंधित एजेंसियों को दी। इसके बाद एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर डाकपत्थर, चकराता, मोरी और त्यूणी पोस्ट से एसडीआरएफ की टीमें तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। दुर्गम इलाके और गहरी खाई के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गई। घायलों को खाई से निकालकर एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।

कंडक्टर ने दी हादसे की सूचना

बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त बस का नंबर HP-66A-2588 है। बस चालक का नाम दिनेश शर्मा और कंडक्टर का नाम जगदीश चंद बताया गया है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह सामने आई है कि बस चालक सामने से आ रहे एक अन्य वाहन को पास देने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान सड़क संकरी होने के कारण ड्राइवर ने बस को ज्यादा बाहर की ओर मोड़ दिया, जिससे बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे खाई में जा गिरी। हादसे की जानकारी सबसे पहले बस के परिचालक ने पुलिस को फोन कर दी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे के वक्त बस की रफ्तार कितनी थी और क्या सड़क सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जा रहा था।

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