दुनिया में फिर बढ़ी कोविड की चिंता, BA.3.2 वेरिएंट 23 देशों में फैला, भारत में फिलहाल खतरा कम

डिजिटल डेस्क- कोरोना वायरस के मामले भले ही अब काफी कम हो गए हों, लेकिन एक बार फिर दुनियाभर में कोविड को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। SARS-CoV-2 का BA.3.2 वेरिएंट धीरे-धीरे अमेरिका समेत कई देशों में फैलता नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यह वेरिएंट अब तक 23 देशों में रिपोर्ट हो चुका है, जिससे वैश्विक स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। अमेरिका की प्रमुख स्वास्थ्य संस्था CDC के अनुसार, इस वेरिएंट को ट्रैवलर-बेस्ड जीनोमिक सर्विलांस प्रोग्राम के जरिए ट्रैक किया जा रहा है। मार्च 2026 तक अमेरिका में यह वेरिएंट 6 अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और 29 राज्यों में दो दर्जन से ज्यादा मरीजों में पाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इसके मामलों में और वृद्धि हो सकती है।

दो साल पहले दक्षिण अफ्रीका में आया था सामने

BA.3.2 वेरिएंट पहली बार करीब दो साल पहले दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था। उस समय इसके मामले धीरे-धीरे कम हो गए थे, लेकिन अब एक बार फिर यह वेरिएंट सक्रिय होता दिख रहा है। इस वेरिएंट को लेकर सबसे बड़ी चिंता इसकी संरचना में आए बदलाव हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसके स्पाइक प्रोटीन में करीब 75 म्यूटेशन हो चुके हैं, जो इसे लगातार बदलने और नई परिस्थितियों के अनुसार ढलने में सक्षम बनाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इतने अधिक म्यूटेशन होने के कारण यह वेरिएंट शरीर की इम्यूनिटी को चकमा देने की क्षमता रखता है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है और वैक्सीन की प्रभावशीलता पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अब तक राहत की बात यह है कि इस वेरिएंट से संक्रमित मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं देखे गए हैं। ज्यादातर मामलों में हल्के लक्षण ही सामने आए हैं, लेकिन इसकी फैलने की गति यानी ट्रांसमिशन रेट अधिक बताया जा रहा है।

यूरोप में भी दिख चुका वेरिएंट का असर

यूरोप में भी इस वेरिएंट का असर पहले देखा जा चुका है। बीते साल कई यूरोपीय देशों में BA.3.2 के मामले तेजी से बढ़े थे। कुल कोविड मामलों में करीब 35 प्रतिशत हिस्सेदारी इसी वेरिएंट की थी। डेनमार्क और नीदरलैंड्स जैसे देशों में इसके मामले सामने आए थे, हालांकि वहां भी लक्षण हल्के ही रहे थे। भारत के संदर्भ में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। महामारी विशेषज्ञ डॉ जुगुल किशोर के अनुसार, भारत में इस वेरिएंट का अब तक कोई आधिकारिक मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि देश में अधिकांश आबादी का टीकाकरण हो चुका है और वर्तमान में कोविड के लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही हैं। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। डॉ. किशोर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह वेरिएंट नया नहीं है, बल्कि पहले भी सामने आ चुका है, इसलिए इसकी प्रकृति को लेकर काफी जानकारी उपलब्ध है। हालांकि उन्होंने यह भी सलाह दी कि लोगों को सतर्क रहना चाहिए और आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए।

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