सिंगापुर में बोले सीएम योगी- न्यू इंडिया पर हर भारतीय को गर्व, जल्द बनेंगे दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सिंगापुर दौरे के दौरान भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की बदलती वैश्विक स्थिति और आर्थिक प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज का “न्यू इंडिया” दुनिया के सामने अपनी ताकत का परिचय दे रहा है और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने “जय श्रीराम” के जयकारों के साथ उनका स्वागत किया। सीएम योगी ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को विजनरी बताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में भारत ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है।

बीते एक दशक में डिजिटल क्रांति समेत कई क्षेत्रों में हासिल की उपलब्धियां

उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में देश ने वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के साथ-साथ डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप इकोसिस्टम और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। “क्या किसी ने सोचा था कि भारत डिजिटल इंडिया की अवधारणा को इस स्तर तक ले जाएगा? क्या किसी ने कल्पना की थी कि भारत स्टार्टअप और स्टैंडअप इंडिया जैसे अभियानों के जरिए युवाओं को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाएगा?” सीएम योगी ने कहा कि आज भारत ने यह सब करके दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। “हम सब मिलकर उस भाव के साथ आगे बढ़ रहे हैं कि भारत को वैश्विक शक्ति बनाना है। नया भारत केवल 140 करोड़ भारतीयों के लिए नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक व्यवस्था के हित में कदम उठा रहा है,”

हाल ही में आयोजित एआई समिट का भी किया उल्लेख

अपने संबोधन में सीएम योगी ने नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल एआई समिट का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस समिट में 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्षों और 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि विकसित देशों के नेता आज भारत के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की भूमिका को वैश्विक स्तर पर सराहा जा रहा है। सीएम योगी ने भारत की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत केवल आर्थिक शक्ति ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का भी केंद्र है। यही विशेषता उसे दुनिया से अलग बनाती है।

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