डिजिटल डेस्क- यूपी की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में लंबे समय से चर्चा में रहे सस्पेंड PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर उनके बदले हुए और स्पष्ट बयान। जिन बयानों के चलते पहले यह माना जा रहा था कि अलंकार योगी सरकार से नाराज हैं, अब उन्हीं मुद्दों पर उन्होंने खुलकर अपनी स्थिति साफ कर दी है। अलंकार अग्निहोत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके हैं और हमेशा रहेंगे। मीडिया से बातचीत में अलंकार ने कहा कि उनके जीवन और करियर की शुरुआत योगी सरकार के दौर में ही हुई। उन्होंने कहा, “मुझे जो नौकरी मिली, वह माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में ही मिली। मेरे प्रशासनिक जीवन में मुख्यमंत्री का अहम योगदान रहा है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी कीमत पर कोई बाहरी व्यक्ति उत्तर प्रदेश में आकर मुख्यमंत्री योगी का अपमान नहीं कर सकता। उनके मुताबिक, प्रदेश के मुख्यमंत्री का सम्मान प्रदेश के स्वाभिमान से जुड़ा है।
अपने ऊपर लगे आरोपों को किया खारिज
अलंकार अग्निहोत्री ने उन आरोपों और चर्चाओं को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि वह मुख्यमंत्री से दूरी बना चुके हैं। उन्होंने साफ किया कि उनके कुछ व्यक्तिगत और प्रशासनिक मुद्दे जरूर थे, लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री योगी से नाराजगी के रूप में देखना गलत है। उन्होंने कहा कि उनकी शिकायतें किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था से जुड़ी थीं। “हमारे कुछ मुद्दे थे, जिन्हें हमने उचित मंचों पर उठाया। इसका मतलब यह नहीं कि मैं मुख्यमंत्री के खिलाफ हूं,” उन्होंने कहा। अपने मामलों के समाधान को लेकर अलंकार ने एक अहम जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य श्री मुक्तेश्वरानंद जी महाराज के बनारस आगमन के बाद इस पूरे विषय पर संवाद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अलंकार के मुताबिक, अधिकारियों के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को शंकराचार्य से बातचीत के लिए नियुक्त किया है। उनका कहना है कि इन प्रयासों से जल्द किसी सकारात्मक समाधान की उम्मीद है।
माँ के इस्तीफे की खबर की बताई सच्चाई
हालांकि, जहां मुख्यमंत्री योगी को लेकर अलंकार का रुख नरम और सम्मानजनक नजर आया, वहीं अपने भविष्य को लेकर उन्होंने दो टूक बात कही। अलंकार ने साफ कहा कि अब उनका सिस्टम में वापस लौटने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, “मैंने खुद को मानसिक रूप से तैयार कर लिया है कि आगे की लड़ाई सिस्टम के बाहर रहकर ही लड़नी है।” उनके अनुसार, सिस्टम के भीतर रहते हुए कई बार व्यक्ति अपनी बात पूरी तरह और बेबाकी से नहीं रख पाता। परिवार के इस्तीफों को लेकर चल रही खबरों पर भी अलंकार अग्निहोत्री ने सफाई दी। उन्होंने बताया कि उनकी माता ने इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली थी। अन्य पारिवारिक सदस्यों के इस्तीफे की खबरों को उन्होंने पूरी तरह निराधार बताया और मीडिया से अपील की कि ऐसी संवेदनशील खबरों में तथ्यात्मक जांच जरूरी है।