KNEWS DESK- राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिनमें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की स्थापना से संबंधित नियमावली भी शामिल थी।
बैठक के दौरान पेश किए गए प्रस्तावों में से कई पर सरकार ने मुहर लगा दी है, जिससे उत्तर प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति का उद्देश्य प्रदेश को आईटी, रिसर्च, फाइनेंस और टेक्नोलॉजी सेवाओं का बड़ा हब बनाना है।
सूत्रों का कहना है कि इस नीति के लागू होने से बहुराष्ट्रीय कंपनियों को उत्तर प्रदेश में अपने ऑपरेशन स्थापित करने में आसानी होगी और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा बैठक में अन्य विभागीय प्रस्तावों, निवेश प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सरकार का फोकस प्रदेश को निवेश के अनुकूल माहौल देने और विकास की रफ्तार को तेज करने पर है। आने वाले दिनों में इन फैसलों से जुड़ी विस्तृत जानकारी और आधिकारिक घोषणा किए जाने की संभावना है।