शिव शंकर सविता- केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी को संसद में वित्त वर्ष 2026–27 का आम बजट पेश किया। इस बजट में सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने साफ कहा कि आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र को तकनीक, नवाचार और निवेश के जरिए मजबूत किया जाएगा। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि किसानों को हर स्तर पर तकनीकी सहायता दी जाएगी, जिससे खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके। खास तौर पर हाई वैल्यू क्रॉप्स की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। नारियल, काजू और कोको जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं लाई जाएंगी, ताकि किसानों को बेहतर आमदनी मिल सके।
नारियल उत्पादन के लिए स्पेशल स्कीम
बजट में नारियल उत्पादन के लिए एक स्पेशल स्कीम की घोषणा की गई है। इसके तहत नारियल उत्पादक राज्यों को तकनीकी सहयोग, बेहतर बीज, प्रोसेसिंग सुविधाएं और बाजार से जोड़ने पर ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि नारियल और काजू जैसे फसलें किसानों की आय दोगुनी करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि AI की मदद से फसल उत्पादन, मौसम पूर्वानुमान, कीट नियंत्रण और संसाधनों के बेहतर उपयोग को संभव बनाया जाएगा। इससे खेती अधिक वैज्ञानिक और कम जोखिम वाली बन सकेगी।
महिला सशक्तिकरण के लिए She-Marts का गठन
मछुआरों के लिए भी बजट में बड़ी घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि देशभर में फिशरीज रिजर्वायर्स विकसित किए जाएंगे, जिससे मछली पालन को बढ़ावा मिलेगा और तटीय व ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए बजट में महिला उद्यमियों के लिए ‘She-Marts’ के गठन की घोषणा की गई है। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक भी रहा। पहली बार वार्षिक केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया गया। इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार बजट पेश कर एक नया रिकॉर्ड बनाया। यह भारत के संसदीय इतिहास में किसी भी महिला वित्त मंत्री द्वारा हासिल की गई एक अनोखी उपलब्धि है।