डिजिटल डेस्क- बिहार विधान मंडल के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को राज्य में तेज आवाज में बजने वाले डीजे पर रोक लगाने का मुद्दा जोर-शोर से उठा। ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने 15 दिनों के भीतर राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाने की घोषणा की। विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान निर्दलीय विधान पार्षद वंशीधर बृजवासी ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि भले ही डीजे बजाने पर रोक की बात कही जाती है, लेकिन डीजे बनाने और बेचने पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य में बड़ी संख्या में व्यावसायिक वाहनों के ढांचे में बदलाव कर उन्हें डीजे वाहन का रूप दिया जा रहा है। इन गाड़ियों को इस तरह मॉडिफाई किया जाता है कि उनका पंजीकरण नंबर तक स्पष्ट नहीं दिखता, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।
तेज आवाज के चलते हो चुके हैं कई हादसे
वंशीधर बृजवासी ने यह भी कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान प्रशासन डीजे पर रोक लगाने को लेकर सक्रिय दिखाई देता है, लेकिन सामान्य दिनों में शादी-विवाह या अन्य समारोहों में डीजे के दुरुपयोग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने चिंता जताई कि तेज आवाज और अवैध मॉडिफिकेशन के कारण कई हादसे हो चुके हैं और लोगों की जान तक जा चुकी है। इस मुद्दे पर विधान पार्षद वीरेंद्र नारायण यादव ने भी समर्थन जताते हुए कहा कि यह केवल नियम-कानून का विषय नहीं, बल्कि मानवता और समाज की सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण आज एक गंभीर समस्या बन चुका है और सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
15 दिनों में चालू होगा अभियान
सदन में उठी चिंताओं का जवाब देते हुए परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि कई सदस्यों ने इस विषय पर अपनी चिंता व्यक्त की है और सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। उन्होंने घोषणा की कि अगले 15 दिनों के भीतर पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाकर ऐसे सभी वाहनों की जांच की जाएगी, जिन्हें बिना अनुमति डीजे वाहन में तब्दील किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना परमिशन के चल रहे एक भी डीजे वाहन को बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री ने कहा कि अवैध रूप से मॉडिफाई किए गए डीजे वाहनों को तत्काल बंद कराया जाएगा और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक भी की गई है, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परिवहन विभाग द्वारा बनाए गए सभी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
सभी प्रकार के उत्सव में लगेगा प्रतिबंध
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधान पार्षद अब्दुल बारी सिद्दीकी ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि शादी-विवाह या किसी भी प्रकार के उत्सव में तेज आवाज वाले डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक समारोहों की आड़ में कानून की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। सदन में हुई इस चर्चा के बाद अब राज्य सरकार के आगामी 15 दिनों के अभियान पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि यह अभियान प्रभावी ढंग से लागू होता है, तो ध्वनि प्रदूषण और अवैध डीजे वाहनों पर काफी हद तक नियंत्रण संभव हो सकेगा।