डिजिटल डेस्क- बांग्लादेश के आम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद बीएनपी ने भारत के साथ रिश्तों को नई दिशा देने के संकेत दिए हैं। पार्टी के शीर्ष नेता हुमायूं कबीर ने जानकारी दी है कि पार्टी प्रमुख तारिक रहमान के संभावित शपथ ग्रहण समारोह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया जा सकता है। बीएनपी के वरिष्ठ नेता और तारिक रहमान के विदेश नीति सलाहकार हुमायूं कबीर ने एक साक्षात्कार में कहा कि भारत इस क्षेत्र का एक अहम देश है और बीएनपी की विदेश नीति में दक्षिण एशिया को एक प्रभावशाली और सहयोगात्मक क्षेत्र बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय प्रधानमंत्री को आमंत्रित करने की योजना एक “सद्भावना संकेत” के रूप में देखी जानी चाहिए।
निमंत्रण के माध्यम से कूटनीतिक दिशा को ओर सकारात्मक संकेत
कबीर ने कहा, “हमारे लिए यह क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है। तारिक रहमान की विदेश नीति का एक प्रमुख हिस्सा दक्षिण एशिया को मजबूत और प्रभावी क्षेत्र के रूप में स्थापित करना है। जब आप किसी को आमंत्रित करते हैं तो उम्मीद करते हैं कि वह शामिल होगा। निमंत्रण भेजने में प्राथमिकता और संदेश दोनों होते हैं।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समय कम है, लेकिन इस निमंत्रण के माध्यम से सकारात्मक कूटनीतिक संकेत देने की कोशिश की जा रही है। इसे भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
बीएनपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में दिया पीएम मोदी को धन्यवाद
इस बीच बीएनपी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बीएनपी की चुनावी जीत पर बधाई संदेश दिया था। पार्टी ने अपने संदेश में लिखा कि “माननीय नरेंद्र मोदी, बहुत-बहुत धन्यवाद। राष्ट्रीय चुनाव में बीएनपी को निर्णायक जीत दिलाने में मिस्टर तारिक रहमान के नेतृत्व को आपने जिस तरह स्वीकार किया है, उसके लिए हम आभारी हैं।” बीएनपी ने अपने बयान में कहा कि यह जीत बांग्लादेश के लोगों का लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पार्टी नेतृत्व पर विश्वास दर्शाती है। साथ ही पार्टी ने यह भी दोहराया कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों, समावेशी राजनीति और विकास की निरंतर प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्ध है।
पीएम मोदी के शामिल होने से आएगी रिश्तों में मजबूती
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि प्रधानमंत्री मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होते हैं तो यह दोनों देशों के बीच संबंधों को नई मजबूती दे सकता है। हाल के वर्षों में भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग में बढ़ोतरी देखी गई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि औपचारिक निमंत्रण कब भेजा जाता है और भारत सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है। यदि यह दौरा होता है तो यह दक्षिण एशियाई राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जाएगा।