डिजिटल डेस्क- आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस मेगा टूर्नामेंट से बांग्लादेश को बाहर कर दिया गया है। आईसीसी ने यह कदम बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के उस रुख के बाद उठाया, जिसमें उसने भारत में मैच खेलने से इनकार कर दिया था। इस फैसले के साथ ही आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल करने का ऐलान भी कर दिया है। दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत फरवरी से होनी है और इसके मैच भारत व श्रीलंका के अलग-अलग शहरों में खेले जाने हैं। इसी बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में अपने मैच खेलने पर आपत्ति जताई थी। बीसीबी ने आईसीसी से आग्रह किया था कि उसके मुकाबले भारत के बाहर किसी अन्य स्थान पर शेड्यूल किए जाएं। हालांकि, आईसीसी ने इस मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया।
बांग्लादेश के फैसले पर अड़े रहने के चलते आईसीसी ने लिया फैसला
आईसीसी का कहना था कि टूर्नामेंट के नियमों के तहत सभी टीमों को तय किए गए वेन्यू पर ही खेलना होता है और किसी एक टीम के लिए अलग व्यवस्था करना संभव नहीं है। बांग्लादेश बोर्ड अपने फैसले पर अड़ा रहा, जिसके चलते आईसीसी को कड़ा कदम उठाना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन को ईमेल के जरिए आधिकारिक रूप से इस फैसले की जानकारी दे दी है। बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शामिल किया गया है। स्कॉटलैंड को ग्रुप सी में जगह दी गई है, जहां पहले से इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, नेपाल और इटली की टीमें मौजूद हैं। आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि स्कॉटलैंड का चयन टीम रैंकिंग के आधार पर किया गया है। क्वालिफायर राउंड से बाहर होने वाली टीमों में स्कॉटलैंड की रैंकिंग सबसे बेहतर थी, इसी वजह से उसे यह मौका मिला।
7 फरवरी से होगी वर्ल्ड कप सी शुरूआत
स्कॉटलैंड की टीम अपने टी20 वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत 7 फरवरी 2026 को वेस्टइंडीज के खिलाफ करेगी। इसके बाद 9 फरवरी को उसका मुकाबला इटली से होगा। 14 फरवरी को स्कॉटलैंड की टीम इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम से भिड़ेगी, जबकि ग्रुप स्टेज का आखिरी मुकाबला वह नेपाल के खिलाफ खेलेगी। यह स्कॉटलैंड का सातवां टी20 वर्ल्ड कप होगा। अब तक खेले गए छह टी20 वर्ल्ड कप में स्कॉटलैंड ने कुल 22 मैच खेले हैं, जिनमें उसे केवल 7 में जीत मिली है। इसके बावजूद टीम इस बार नए जोश और आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने को तैयार है। बांग्लादेश की जगह टूर्नामेंट में शामिल होना स्कॉटलैंड के लिए एक बड़ा मौका माना जा रहा है, जिसे वह भुनाने की पूरी कोशिश करेगा।