KNEWS DESK – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी दौरे के दौरान एक बार फिर सख्त और स्पष्ट बयान देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जो लोग देश में बाबरी ढांचे को दोबारा खड़ा करने का सपना देख रहे हैं, उनका यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “कयामत का दिन कभी आने वाला नहीं है, इसलिए कयामत तक बाबरी बनने की बातें करने वाले ऐसे ही सड़ गल जाएंगे।”
योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में कहा कि भारत में अगर फायदे में रहना है तो कायदे से रहना होगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश के कानून को मानने वालों का सम्मान होगा, लेकिन कानून तोड़ने वालों को सख्ती का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार वही बोलती है जो करके दिखाती है। “हमने कहा था रामलला आएंगे और मंदिर वहीं बनाएंगे—आज सबके सामने है, इसमें कोई संदेह बचा है क्या?” उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा।
मुख्यमंत्री ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार देश की गौरवशाली परंपराओं और आस्थाओं का सम्मान करती रहेगी। उन्होंने कहा कि केसरिया ध्वज भारत के गौरव का प्रतीक है और यह हमेशा देश की शान को आगे बढ़ाता रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर केसरिया ध्वज फहराने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
आगामी विधानसभा चुनावों से पहले योगी आदित्यनाथ लगातार आक्रामक बयान दे रहे हैं। हाल ही में सीतापुर में उन्होंने लोगों को जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर बांटने वाली राजनीति से सतर्क रहने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर समाज बंटेगा, तो उसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री के इन बयानों को चुनावी रणनीति और वैचारिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।