मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत में LPG-LNG की कमी का खतरा? सरकार ने बताया देश में कितना है एनर्जी स्टॉक

Knews Desk- अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं. ऐसे में वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. इस बीच भारत में एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) की सप्लाई को लेकर सरकार की ओर से बड़ा बयान सामने आया है.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत की एनर्जी सिक्योरिटी फिलहाल मजबूत स्थिति में है और देश में गैस या कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि देश में मौजूदा ऊर्जा स्टॉक पर्याप्त है और इसे लगातार बढ़ाया भी जा रहा है. साथ ही सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है.

सूत्रों के अनुसार, भारत हर दिन अपनी ऊर्जा आपूर्ति और स्टॉक की समीक्षा कर रहा है. जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक सप्लायर्स से गैस और क्रूड ऑयल की खरीद के विकल्प भी तैयार रखे गए हैं. यही वजह है कि मिडिल ईस्ट में तनाव के बावजूद भारत में एलपीजी या एलएनजी की सप्लाई पर फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं है.

ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने दिया गैस सप्लाई का ऑफर

सरकारी अधिकारियों ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भी भारत को गैस बेचने का प्रस्ताव दिया है. इसके अलावा भारत ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका के साथ गैस सप्लाई को लेकर नए कॉन्ट्रैक्ट भी किए हैं. भारत फिलहाल ऊर्जा खरीद के लिए दूसरे बाजारों की भी तलाश कर रहा है.

भारत रोजाना करीब 195 MMSCMD गैस का आयात करता है, जिसमें से लगभग 60 MMSCMD गैस कतर से आती है. ऐसे में सरकार दूसरे देशों से भी गैस सप्लाई सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम की जा सके.

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर कई विकल्प तैयार

सूत्रों के मुताबिक, भारत कच्चे तेल और एलपीजी की खरीद के लिए बड़े तेल उत्पादक देशों और ट्रेडर्स से लगातार बातचीत कर रहा है. इसके अलावा भारत इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) और ऑर्गनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (OPEC) के साथ भी संपर्क में है. जहाजों के बीमा को लेकर भी अमेरिका से बातचीत की जा रही है ताकि सप्लाई चेन प्रभावित न हो.

भारत के पास कितने दिन का कच्चा तेल भंडार

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जनवरी में राज्यसभा में बताया था कि आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में मौजूद भूमिगत गुफाओं, रिफाइनरी और स्टोरेज सुविधाओं में रखा कच्चा तेल भारत की घरेलू जरूरतों को करीब 74 दिनों तक पूरा कर सकता है. वहीं कुछ अधिकारियों के मुताबिक, रणनीतिक भंडार के अलावा कच्चे तेल का स्टॉक करीब 25 दिनों तक चल सकता है.

भारत हर साल करीब 2.7 करोड़ टन एलएनजी का आयात करता है, जिसमें से करीब 40 प्रतिशत आपूर्ति कतर से होती है. हालांकि सरकार का कहना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव के बावजूद भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल सहित सभी प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है.

सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात में देश की ऊर्जा जरूरतों को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.