शिव शंकर सविता- अगर आपका बिजली बिल बकाया है या आप स्मार्ट मीटर इस्तेमाल करते हैं, तो आज ही सतर्क हो जाइए। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अपनी बिलिंग प्रणाली में तकनीकी सुधार और मेंटेनेंस के चलते 16 घंटे का बड़ा शटडाउन घोषित किया है। यह शटडाउन आज, 3 अप्रैल की शाम 5 बजे से शुरू होकर 4 अप्रैल सुबह 9 बजे तक जारी रहेगा, जिसके दौरान सभी ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। इस दौरान उपभोक्ता न तो बिजली बिल जमा कर सकेंगे और न ही स्मार्ट मीटर का रिचार्ज कर पाएंगे। यूपीपीसीएल के इस फैसले का असर प्रदेश के सभी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) पर पड़ेगा। खासतौर पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। इस जोन में आगरा समेत 21 जिलों के 60 लाख से अधिक उपभोक्ता आते हैं, जिनकी सेवाएं प्रभावित रहेंगी।
कॉन्फ़िगरेशन और अपग्रेडेशन के लिए लिया जाएगा शटडाउन
दक्षिणांचल के मुख्य अभियंता कपिल सिंघवानी के मुताबिक, यह शटडाउन सिस्टम के कॉन्फ़िगरेशन और अपग्रेडेशन के लिए जरूरी है, ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध सेवाएं मिल सकें। हालांकि, इस अवधि में सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म पूरी तरह बंद रहेंगे। इसका मतलब है कि यूपीपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप और अन्य पेमेंट ऐप्स जैसे फोनपे, गूगल पे या पेटीएम के जरिए भी कोई लेनदेन संभव नहीं होगा। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह समय विशेष रूप से संवेदनशील है। उन्हें सलाह दी गई है कि वे अपना रिचार्ज समय रहते पूरा कर लें। यदि बैलेंस खत्म हो जाता है, तो शटडाउन के दौरान रिचार्ज न हो पाने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। इसलिए किसी भी असुविधा से बचने के लिए पहले से तैयारी करना बेहद जरूरी है।
आपातस्थिति में डॉयल करें 1912
इसके अलावा, इस अवधि में नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन, लोड बढ़ाने (भार वृद्धि) की प्रक्रिया और बिल जनरेशन जैसे कार्य भी पूरी तरह ठप रहेंगे। यानी उपभोक्ताओं से जुड़े लगभग सभी ऑनलाइन कार्य प्रभावित होंगे। यदि इस दौरान किसी उपभोक्ता को आपात स्थिति में सहायता की जरूरत पड़ती है, तो वे टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं। हालांकि, डिजिटल सेवाएं बंद रहने के कारण शिकायतों के निपटारे में भी कुछ देरी संभव है। यूपीपीसीएल का कहना है कि यह तकनीकी सुधार लंबे समय में उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित होगा। इससे सिस्टम की कार्यक्षमता बढ़ेगी और भविष्य में ऑनलाइन सेवाएं और अधिक तेज़ और सुरक्षित बनेंगी।