KNEWS DESK – महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे के बाद इसके कारणों को लेकर पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग तेज हो गई है। इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने साफ किया है कि हादसे के तुरंत बाद सभी आवश्यक प्रतिक्रिया और जांच तंत्र सक्रिय कर दिए गए थे। मंत्रालय ने कहा है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने बयान जारी कर कहा, “एक पूर्ण, पारदर्शी और निर्धारित समय-सीमा में पूरी होने वाली जांच सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” मंत्रालय ने बताया कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया है, जो हादसे की असल वजह सामने लाने में अहम भूमिका निभाएगा।
हादसे की जांच के लिए Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) के तीन अधिकारियों की एक टीम और DGCA के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय के तीन अधिकारियों की दूसरी टीम 28 जनवरी को ही घटनास्थल पर पहुंच गई थी। इसके अलावा AAIB के महानिदेशक भी उसी दिन मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह जांच AAIB नियम, 2025 के नियम 5 और 11 के तहत शुरू की गई है। जांच निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) और दिशा-निर्देशों के अनुसार तय समय-सीमा में पूरी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस विमान हादसे से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
उधर, इस हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के दुखद निधन के बाद गुरुवार को बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के खेल मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार से पहले उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव काटेवाड़ी स्थित निवास स्थान ले जाया गया, जहां परिजनों, ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई वरिष्ठ राजनीतिक नेता मौजूद रहे। भारी संख्या में लोग विद्या प्रतिष्ठान मैदान में अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे, जिससे पूरा इलाका शोक में डूबा नजर आया।