KNEWS DESK- अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया फ्लाइट क्रैश को लेकर जांच में बड़ा दावा सामने आया है। इटैलियन अख़बार Corriere della Sera ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच हुई बातचीत से वाकिफ़ दो सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि हादसा किसी तकनीकी खराबी का नतीजा नहीं था, बल्कि यह एक ‘जानबूझकर की गई हरकत’ का परिणाम हो सकता है। हालांकि, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की अंतिम रिपोर्ट जारी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी माना जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय जांच एजेंसियों को शुरुआती विश्लेषण में यह संकेत मिला है कि इंजन में फ्यूल कट-ऑफ मैकेनिकल खराबी से नहीं, बल्कि मैनुअल एक्टिविटी से हुआ था। यानी फ्यूल कंट्रोल स्विच को हाथ से बंद किया गया हो सकता है, जिससे विमान की पावर खत्म हो गई और वह टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद ज़मीन पर गिर गया।
बताया गया है कि अधिकारी अब अपनी फाइनल जांच रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं। जांच में सहयोग कर रहे अमेरिकी विशेषज्ञों ने इन निष्कर्षों को “एक बड़ी प्रगति” बताया है।
जुलाई 2025 में AAIB की शुरुआती रिपोर्ट में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग का उल्लेख किया गया था। रिकॉर्डिंग में एक पायलट को यह कहते सुना गया “तुमने फ्यूल क्यों बंद किया?” दूसरे पायलट ने जवाब दिया: “मैंने ऐसा नहीं किया।”
इटली के अखबार ने भी इस बातचीत का जिक्र करते हुए दावा किया है कि जांचकर्ताओं का मानना है कि पायलटों में से किसी एक ने फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिया था।
उस दिन विमान के पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमीत सभरवाल थे, जबकि फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर को-पायलट थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिम्मेदारी अब तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन संदेह की सुई कैप्टन सभरवाल की ओर इशारा कर रही है। हादसे के बाद कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि वे डिप्रेशन से जूझ रहे थे।
हालांकि, कैप्टन सभरवाल के पिता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने नई और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि उनके बेटे की मानसिक स्थिति को लेकर लगाए जा रहे दावे बेबुनियाद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि निजी जीवन से जुड़ी अफवाहों का हादसे से कोई संबंध नहीं है।
एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद क्रैश हो गया था। इस दुर्घटना में कुल 260 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें यात्री और वह लोग भी शामिल थे जो उस मेडिकल हॉस्टल में मौजूद थे, जिस पर विमान गिरा। इस भीषण हादसे में सिर्फ एक यात्री जीवित बच पाया था।
ब्लैक बॉक्स डेटा के शुरुआती तकनीकी विश्लेषण में मैकेनिकल खराबी की संभावना को खारिज कर दिया गया था। इसके बजाय जांच का फोकस इंजन इग्निशन और शटडाउन को नियंत्रित करने वाले फ्यूल कंट्रोल स्विच के मैनुअल मूवमेंट पर गया। रिपोर्ट के अनुसार, क्रैश के समय विमान के दोनों इंजन बंद हो गए थे।
Corriere della Sera के अनुसार, अंतिम रिपोर्ट में पायलटों के लिए नियमित मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन और मेंटल हेल्थ मॉनिटरिंग को लेकर सिफारिशें शामिल हो सकती हैं।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर AAIB और DGCA की आधिकारिक अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है। अंतिम निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह हादसा मानवीय भूल था या किसी और गंभीर कारण का परिणाम।