डिजिटल डेस्क- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को सदन में लंबा और तीखा भाषण देते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। लंबे विवाद के बाद बोलने का मौका मिलने पर राहुल गांधी ने अमेरिका, वैश्विक राजनीति और भारत की आर्थिक नीतियों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के दबाव में ट्रेड डील की है और चेतावनी दी कि यदि भारत उसकी शर्तें नहीं मानेगा तो अमेरिका फिर से टैरिफ बढ़ा सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि 21वीं सदी में सबसे बड़ी ताकत डेटा है और अमेरिका की नजर भारत के डेटा पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने भारतीयों का डेटा और किसानों के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा, “भारतीय डेटा ही वह संपत्ति है जो किसी भी देश को सुपरपावर बना सकती है। अगर अमेरिका अपने डॉलर को बचाना चाहता है तो भारतीय डेटा उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
अगर इंडिया गठबंधन ट्रंप से बात करता तो हमारा रवैया अलग रहता- राहुल गांधी
कांग्रेस नेता ने काल्पनिक तौर पर कहा कि अगर INDIA गठबंधन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत करता तो वह बराबरी के आधार पर बातचीत करता। उन्होंने कहा कि भारत किसी का “नौकर” नहीं है और अमेरिका को भारत से समान स्तर पर बात करनी चाहिए। राहुल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। राहुल गांधी ने वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। उन्होंने यूक्रेन, गाजा और मिडिल ईस्ट के युद्धों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया एक सुपरपावर आधारित व्यवस्था से नई अनिश्चित वैश्विक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। उनके मुताबिक डॉलर के दबदबे को चुनौती दी जा रही है और यही मौजूदा वैश्विक राजनीति का केंद्र है।
किरेन रिजिजू ने दी तीखी प्रतिक्रिया
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि डिजिटल ट्रेड नियमों में ढील देकर भारत ने डेटा लोकलाइजेशन, डिजिटल टैक्स और सोर्स कोड जैसे अहम मुद्दों पर नियंत्रण कमजोर किया है। राहुल ने कहा कि भारत की बड़ी आबादी बोझ नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत है, बशर्ते सरकार उसे रणनीतिक रूप से उपयोग करे। राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “आज तक कोई पैदा नहीं हुआ जो इस देश को बेच दे। कांग्रेस हमेशा देश को कमजोर करने की राजनीति करती है।” रिजिजू ने राहुल के दावों को निराधार बताया और कहा कि सरकार राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगी।