भारत-फ्रांस रिश्तों का नया अध्याय, संयुक्त वार्ता में संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का दोहराया संकल्प

डिजिटल डेस्क- नई दिल्ली में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया। दोनों नेताओं ने रणनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत करते हुए कहा कि फ्रांस यूरोप का एक महत्वपूर्ण द्वार है और दोनों देशों के बीच संबंध बेहद गहरे और भरोसेमंद रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 भारत और यूरोप के संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है। हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इससे भारत-यूरोप आर्थिक संबंधों को नई दिशा मिलेगी।

फ्रांस भारत का सबसे पुराना साझेदार- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि फ्रांस भारत का सबसे पुराना और विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार है। राष्ट्रपति मैक्रों के साथ मिलकर इस साझेदारी को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा दी गई है। उन्होंने “भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष” का जिक्र करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को “जन भागीदारी आधारित साझेदारी” में बदला जाएगा। स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के बीच मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा तथा छात्रों के लिए शैक्षणिक प्रणाली को और सुगम बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि महत्वपूर्ण खनिज, जैव प्रौद्योगिकी और उन्नत सामग्री के क्षेत्र में सहयोग को और सशक्त किया जा रहा है। साथ ही “इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” और स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि बहुपक्षवाद, संवाद और कूटनीति के माध्यम से वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के प्रयासों को बल दिया जाएगा।

यूक्रेन, पश्चिम एशिया या इंडो-पैसिफिक मामले में भारत और फ्रांस का होता है संयुक्त प्रयास

वैश्विक मुद्दों पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन, पश्चिम एशिया या इंडो-पैसिफिक हर क्षेत्र में भारत और फ्रांस शांति के प्रयासों का समर्थन करते हैं। आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप को जड़ से समाप्त करना दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता है। उन्होंने राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर में फ्रांस के सहयोग का भी उल्लेख किया और बताया कि जल्द ही फ्रांस में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र खोला जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नवाचार अलग-थलग रहकर नहीं, बल्कि सहयोग से संभव होता है। दोनों देश संयुक्त नवाचार केंद्र स्थापित करेंगे और शोध क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत-फ्रांस की दोस्ती वैश्विक स्थिरता में अहम भूमिका निभाएगी।

राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत के स्वागत का जताया आभार

वहीं राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत में मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस की साझेदारी भरोसे और समानता पर आधारित है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। रक्षा, अंतरिक्ष और एआई में सहयोग को और विस्तारित किया जाएगा। मैक्रों ने बताया कि पांचवीं पीढ़ी के विमान इंजन पर संयुक्त रूप से काम किया जाएगा। राफेल लड़ाकू विमान, पनडुब्बी और हेलीकॉप्टर से जुड़े नए समझौते किए जाएंगे। तकनीक हस्तांतरण पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि दोनों देशों के बीच संतुलित और बराबरी की साझेदारी को बढ़ावा मिले। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग पहले से अधिक मजबूत हुआ है।

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