डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश की हाईटेक सिटी नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लगातार हो रहे सड़क हादसे प्रशासन और प्राधिकरण की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा के कासना थाना क्षेत्र में एक और बड़ा हादसा सामने आया, जहां देर रात एक कार 90 डिग्री के खतरनाक मोड़ से फिसलकर सीधे नाले में जा गिरी। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और कार सवार दोनों लोग सुरक्षित बच निकले। घटना शनिवार देर रात करीब तीन बजे की है।
घने कोहरे में नहीं दिखा 90 डिग्री तीखा मोड़, नाले में जा घुसी
जानकारी के मुताबिक, सुनील कुमार अपने चालक रिजवान के साथ लुक्सर से परी चौक की ओर जा रहे थे। उनकी कार ओला टैक्सी से जुड़ी बताई जा रही है। जब वाहन इकोटेक-6 स्थित ओप्पो कंपनी के पास भाटी गोलचक्कर की ओर पहुंचा, तभी अचानक घना कोहरा छा गया। कम विजिबिलिटी के चलते चालक को सड़क पर बना 90 डिग्री का तीखा मोड़ नजर नहीं आया और कार अनियंत्रित होकर सीधे नाले में जा गिरी। नाले में गिरने के बाद कार सीधी अवस्था में खड़ी हो गई। सौभाग्य से उस समय नाले में पानी का जलस्तर और बहाव कम था, जिससे कार सवार दोनों लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से कार को नाले से बाहर निकलवाया। रविवार को घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची।
हादसे के बाद टीम ने लगाए रिफ्लेक्टर और बल्लियां
टीम ने अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था के तहत लकड़ी की बल्लियां और रिफ्लेक्टर टेप लगवाए। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह महज औपचारिक कार्रवाई है। इससे पहले भी नाले को मिट्टी डालकर ढकने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह स्थायी समाधान साबित नहीं हुआ। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कासना भाटी गोलचक्कर का यह मोड़ लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। बावजूद इसके यहां न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, न रिफ्लेक्टर, और न ही स्ट्रीट लाइट की उचित व्यवस्था की गई है। घने कोहरे और रात के अंधेरे में यह इलाका पूरी तरह जानलेवा बन जाता है।