KNEWS DESK- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अब तकनीक नहीं, कानून सबसे बड़ा रणक्षेत्र बनता जा रहा है। टेस्ला और X के मालिक एलन मस्क ने OpenAI और Microsoft के खिलाफ बड़ा कानूनी दावा ठोक दिया है। मस्क का आरोप है कि OpenAI ने अपने नॉन-प्रॉफिट उद्देश्य से हटकर माइक्रोसॉफ्ट के साथ मुनाफे की साझेदारी की और उनके साथ धोखाधड़ी की। इसी आधार पर उन्होंने 79 से 134 बिलियन डॉलर, यानी करीब 11 लाख करोड़ रुपये तक के हर्जाने की मांग की है।
कैसे शुरू हुआ एलन मस्क और OpenAI का विवाद
एलन मस्क 2015 में OpenAI के सह-संस्थापक रहे हैं। उस समय उन्होंने करीब 38 मिलियन डॉलर का निवेश किया था। मस्क का कहना है कि OpenAI की स्थापना एक नॉन-प्रॉफिट संगठन के रूप में हुई थी, जिसका उद्देश्य AI को मानवता के हित में विकसित करना था। हालांकि, बाद में OpenAI ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ रणनीतिक साझेदारी कर ली और मुनाफे की दिशा में कदम बढ़ाया। मस्क का आरोप है कि यह बदलाव उनके साथ विश्वासघात है और OpenAI अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है।
134 बिलियन डॉलर के हर्जाने का गणित
कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक, वित्तीय विशेषज्ञ सी. पॉल वाज़न ने मस्क को हुए नुकसान का आकलन किया है। रिपोर्ट के अनुसार, OpenAI की मौजूदा वैल्यूएशन करीब 500 बिलियन डॉलर मानी गई है, जिसमें मस्क को भी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए थी। इस गणना में मस्क के वित्तीय योगदान के साथ-साथ उनकी तकनीकी समझ और बिजनेस सलाह को भी जोड़ा गया है। दस्तावेजों में OpenAI पर 65 से 109 बिलियन डॉलर और माइक्रोसॉफ्ट पर 13 से 25 बिलियन डॉलर तक के अनुचित लाभ का आरोप लगाया गया है।
OpenAI और Microsoft का पलटवार
OpenAI ने एलन मस्क के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि यह मुकदमा केवल उन्हें परेशान करने की रणनीति है। OpenAI का दावा है कि मस्क कंपनी पर पूरा नियंत्रण चाहते थे, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने 2018 में बोर्ड छोड़ दिया। कंपनी के अनुसार, मस्क OpenAI को टेस्ला के साथ मर्ज करना चाहते थे, जो स्वीकार्य नहीं था।
ChatGPT के बाद और तेज हुई जंग
2022 में ChatGPT के लॉन्च के बाद एलन मस्क OpenAI के सबसे मुखर आलोचकों में शामिल हो गए। उन्होंने OpenAI को क्लोज्ड-सोर्स और मैक्सिमम प्रॉफिट कंपनी करार दिया। वहीं OpenAI ने खुद को पब्लिक बेनिफिट कॉरपोरेशन में बदलते हुए माइक्रोसॉफ्ट को लगभग 27 प्रतिशत हिस्सेदारी दी है। जैसे-जैसे यह मामला आगे बढ़ेगा, AI इंडस्ट्री में यह कानूनी लड़ाई वैश्विक स्तर पर नई बहस और सुर्खियां पैदा कर सकती है।