KNEWS DESK – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समान नागरिक संहिता (UCC) और UGC से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि UCC को देश की एकता और सामाजिक समरसता के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।
‘एकात्मकता को मिलेगा सहारा’
भागवत ने कहा कि समान नागरिक संहिता देश की एकात्मकता को मजबूती दे सकती है। भारत विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग परंपराएं और मान्यताएं हैं, लेकिन नागरिक कानून समान होने से समाज में एकरूपता की भावना बढ़ सकती है। उनका कहना था कि यदि व्यवस्था समान हो तो आम नागरिकों में एक साथ चलने की प्रवृत्ति मजबूत होती है और इसका लाभ समाज को मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि UCC का उद्देश्य समाज को एक करना है और इसी दृष्टि से संघ इसका समर्थन करता है।
प्रक्रिया पर दिया जोर
संघ प्रमुख ने बताया कि उत्तराखंड में UCC लागू करने से पहले विस्तृत प्रक्रिया अपनाई गई। एक प्रस्ताव तैयार कर उसे सार्वजनिक किया गया, जिस पर लाखों लोगों के सुझाव लिए गए। संवाद और विचार-विमर्श के बाद अंतिम प्रस्ताव तैयार हुआ। भागवत के अनुसार, यदि इसी तरह की पारदर्शी प्रक्रिया पूरे देश में अपनाई जाए तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
UGC मुद्दे पर क्या कहा?
UGC से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के पास है। अदालत का फैसला आने के बाद ही इस पर विस्तार से विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि जो विषय अभी आया ही नहीं, उस पर अनावश्यक बहस करने से बचना चाहिए।
गौरतलब है कि Uttarakhand समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है। 27 जनवरी 2025 से यह कानून राज्य में प्रभावी है।