K News Desktop- संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार को काफी हंगामेदार माहौल में शुरू हुआ। सत्र की शुरुआत के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और वहां भारत सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—को दी।
राज्यसभा में संबोधन के दौरान जयशंकर ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के टकराव से पैदा हुए हालात पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व से सीधे संपर्क स्थापित करना फिलहाल काफी मुश्किल है। विदेश मंत्री के बयान के दौरान विपक्षी सांसदों ने आपत्ति जताते हुए नारेबाजी की, जिससे सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
राज्यसभा के बाद लोकसभा में भी जयशंकर ने पश्चिम एशियाई देशों में बिगड़ते हालात और उससे जुड़े कूटनीतिक प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी बीच लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है। विपक्षी दलों का आरोप है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया।
अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने के बाद ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता से खुद को अलग कर लिया था। लोकसभा सचिवालय के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला होने के बाद ही वह दोबारा सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगे।
वहीं, पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नतीजे भी संसद में राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान करीब 60 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार से जवाब मांग सकते हैं, जिससे संसद की कार्यवाही में और हंगामे की आशंका जताई जा रही है।