KNEWS DESK – राज्यसभा में बुधवार को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) से जुड़े विधेयक को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस के बाद आखिरकार CAPF सामान्य प्रशासन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया गया, लेकिन इस दौरान विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।
खरगे ने गिनाईं खामियां
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बिल पर गंभीर आपत्तियां जताईं। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में कई खामियां हैं और इसे जल्दबाजी में पास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि बिल को विस्तृत जांच के लिए सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए।
सरकार का जवाब और टकराव
बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह विधेयक CAPF बलों के लिए एक समान नियम व्यवस्था बनाएगा। इससे भर्ती प्रक्रिया में सुधार होगा और बलों की कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित बनेगी। उन्होंने दावा किया कि यह कानून देश के संघीय ढांचे को और मजबूत करेगा।
विपक्ष का वॉकआउट
सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि सरकार बहुमत के दम पर विपक्ष की आवाज को दबा रही है और जवानों के हितों की अनदेखी कर रही है।
पहले भी हुआ हंगामा
इससे पहले कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने FCRA संशोधन बिल को लेकर भी हंगामा किया। उन्होंने “FCRA बिल वापस लो” के नारे लगाए। इस दौरान सदन के अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से शांत रहने की अपील की, लेकिन विरोध जारी रहा।
वहीं, सदन के नेता जेपी नड्डा ने विपक्ष पर संसदीय परंपराओं का सम्मान न करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, विपक्ष का कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजरअंदाज कर रही है और बहुमत के दम पर फैसले थोप रही है।