शिव शंकर सविता- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। बिसौली कोतवाली क्षेत्र में एक दृष्टिबाधित फरियादी के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अंकिता शर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह पुंडीर और उप निरीक्षक भूपेंद्र यादव को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) बिसौली संजीव कुमार को सौंप दी गई है। जानकारी के अनुसार, बिसौली क्षेत्र के मुहम्मद मई गांव के पास होली के दौरान एक बाइक और ई-रिक्शा की टक्कर हो गई थी, जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसौली में भर्ती कराया गया था। इस घटना के बाद घायल के चाचा मोरपाल, जो दृष्टिबाधित हैं, ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी।
लात-घूंसो से पीटने का लगा आरोप
आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने संबंधित उप निरीक्षक से फोन पर मामले की जानकारी लेनी चाही तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद वह खुद न्याय की उम्मीद लेकर बिसौली कोतवाली पहुंचे। पीड़ित के अनुसार, कोतवाली पहुंचने पर उन्हें राहत मिलने के बजाय मारपीट का सामना करना पड़ा। आरोप है कि कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह पुंडीर ने उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए थाने से बाहर निकाल दिया। इस दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
एसएसपी ने लिया एक्शन, किया सस्पेंड
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई। आम जनता के बीच भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोग पुलिस के इस व्यवहार को अमानवीय बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक मीडिया कर्मी की आवाज भी सुनाई दे रही है, जो घटना के समय वहां मौजूद था और इस मामले की पैरवी के लिए थाने आया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अंकिता शर्मा ने तुरंत एक्शन लिया और दोनों आरोपित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। साथ ही जांच के आदेश देते हुए कहा कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।