Knews Desk- धनतेरस का पर्व हिंदू धर्म में सुख-समृद्धि, आरोग्य और धन की कामना से जुड़ा माना जाता है। इस दिन लोग मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करते हैं। भगवान धन्वंतरि की भी आराधना की जाती है। इसके साथ ही धनतेरस की शाम यम दीपक जलाने की परंपरा भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यमराज के नाम से दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का संकट टलता है और परिवार के सदस्यों की लंबी उम्र की कामना की जाती है।
धनतेरस की शाम पूजा के बाद यम दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इस साल प्रदोष काल में यम दीपक जलाने का समय शाम 5:49 बजे से रात 8:23 बजे तक बताया गया है। वहीं ज्योतिषाचार्य राज मिश्रा के अनुसार, यम के लिए दीपदान करने का सबसे अच्छा समय शाम 7:56 बजे से रात 8:10 बजे तक है। इस अवधि में यम दीपक जलाकर परिवार की सुख-शांति और दीर्घायु की कामना की जा सकती है।धार्मिक मान्यता के अनुसार, यमराज दक्षिण दिशा के देवता हैं। इसलिए यम दीपक के लिए दक्षिण दिशा को विशेष माना गया है। इसे घर की दक्षिण दिशा में रखा जा सकता है। कई परंपराओं में इसे घर के बाहर मुख्य दरवाजे के दक्षिण दिशा वाले हिस्से में रखने की बात कही गई है। दीपक का मुख दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए।
यम दीपक जलाने के लिए मिट्टी या आटे का दीपक लिया जाता है। इसमें रुई की बाती लगाकर सरसों का तेल डाला जाता है। दीपक जलाने के बाद यमराज का स्मरण करते हुए परिवार की लंबी उम्र, सुख और शांति की कामना की जाती है। मान्यता है कि इससे परिवार पर आने वाले संकट दूर होते हैं।यम दीपक से जुड़े कुछ नियमों का भी ध्यान रखा जाता है। मान्यता के अनुसार, यम दीपक को घर के अंदर नहीं रखना चाहिए। इसे मुख्य दरवाजे के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखा जाता है। कुछ परंपराओं में इसे कूड़े या नाली के पास रखने की भी बात कही गई है। दीपक रखने के बाद पीछे मुड़कर न देखने की मान्यता भी है। कई घरों में परिवार के सभी सदस्यों के आने के बाद महिला सदस्य यम दीपक जलाकर दरवाजा बंद कर देती हैं।
धनतेरस पर 13 दीपक जलाने की परंपरा भी कई जगहों पर प्रचलित है। इन्हें घर के अलग-अलग स्थानों पर रखा जाता है। पूजा घर, मुख्य प्रवेश द्वार, तुलसी के पौधे के पास, रसोई, तिजोरी या धन स्थान, बालकनी या छत, घर के अंधेरे कोने, पीने के पानी के पास, आंगन और बड़ी खिड़की के पास दीपक रखा जा सकता है। इसके अलावा पीपल के पेड़ के नीचे, घर के पास किसी मंदिर में और घर के बाहर यम दीपक भी जलाया जाता है।मान्यता है कि 13 दीपक जलाने से घर से नकारात्मकता और अंधकार दूर होता है तथा सुख-समृद्धि का वातावरण बनता है। हालांकि, यम दीपक और 13 दीपक से जुड़े ये नियम धार्मिक मान्यताओं और लोक परंपराओं पर आधारित हैं। इन्हें आस्था और श्रद्धा के प्रतीक के रूप में ही समझना चाहिए।