Knews Desk- अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच अब इसके विस्तार को लेकर राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ने लगा है। एक ओर कंपनियां AI की मदद से काम तेज करने और खर्च घटाने का दावा कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर नौकरियों में कटौती, बिजली-पानी की बढ़ती खपत और डेटा सेंटरों के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर लोगों की चिंता बढ़ रही है। हालिया मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने इस बहस को और तेज कर दिया है।
3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल किया। इसके अलावा टेक्सास, जॉर्जिया, ओहायो और नेवादा जैसे राज्यों में भी डेमोक्रेट उम्मीदवारों ने गवर्नर पद पर जीत दर्ज की। इनमें कई उम्मीदवारों ने चुनाव प्रचार के दौरान डेटा सेंटरों के निर्माण को सीमित करने या उन पर सख्त नियम लागू करने का समर्थन किया था। इससे AI कंपनियों के लिए नई चुनौती खड़ी हो सकती है।आउटप्लेसमेंट फर्म Challenger, Gray & Christmas की 5 नवंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी कंपनियों ने जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच 1,21,401 नौकरियों में कटौती की घोषणा की और इसकी वजह AI को बताया। यह कुल 6,17,189 घोषित छंटनियों का करीब 20 प्रतिशत है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी की जगह सीधे AI ने ले ली। कंपनियों ने अपनी घोषित छंटनी के कारणों में AI का उल्लेख किया है।
AI के नाम पर घोषित छंटनियों का आंकड़ा 2023 में 4,247, 2024 में 12,742 और 2025 में 54,836 था। 2023 से अक्टूबर 2026 तक यह संख्या 1,93,226 तक पहुंच गई। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में बाजार और आर्थिक परिस्थितियां AI की तुलना में ज्यादा बड़ी वजह रहीं और इनके कारण 1,30,531 कटौतियों की घोषणा हुई।AI मॉडल को चलाने के लिए बड़े डेटा सेंटरों की जरूरत होती है। इन केंद्रों में हजारों सर्वर लगाए जाते हैं, जिन्हें चलाने और ठंडा रखने के लिए बड़ी मात्रा में बिजली और पानी की जरूरत पड़ती है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि डेटा सेंटरों के कारण बिजली बिल बढ़ सकते हैं, पानी के स्रोतों पर दबाव पड़ सकता है और प्रदूषण बढ़ सकता है। इसी वजह से डेटा सेंटरों का मुद्दा कई चुनावी मुकाबलों में अहम बन गया।
हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू के 5 नवंबर के लेख के मुताबिक, कम से कम 21 चुनावी मुकाबलों में डेटा सेंटर निर्माण को धीमा करने या रोकने के समर्थन में करीब 9 करोड़ डॉलर के विज्ञापन दिए गए। वहीं, एक सर्वे में करीब दो-तिहाई अमेरिकी वयस्कों ने AI के विकास की रफ्तार को बहुत तेज बताया। लगभग तीन-चौथाई लोगों ने अपने इलाके में डेटा सेंटरों का विरोध किया।टेक्सास में डेमोक्रेट जीना हिनोजोसा ने रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग एबॉट को हराया। उन्होंने स्थानीय लोगों को फायदा और फैसलों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित किए बिना परियोजनाओं की मंजूरी रोकने की बात कही थी। जॉर्जिया में कीशा लांस बॉटम्स ने पर्यावरण और बिजली दरों की समीक्षा तक रोक का समर्थन किया। ओहायो की एमी एक्टन ने कंपनियों से बिजली और पानी का पूरा खर्च लेने तथा पारदर्शिता की मांग की।
रॉयटर्स के मुताबिक, Goldman Sachs का अनुमान है कि राज्य और स्थानीय स्तर पर अस्थायी रोक से अमेरिका में प्रस्तावित डेटा सेंटर क्षमता विस्तार की करीब 45 प्रतिशत परियोजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि, यह केवल अनुमान है और इसका मतलब यह नहीं कि इतनी परियोजनाएं रद्द हो जाएंगी। चुनावी नतीजों के बाद Core Scientific के शेयर 11.6 प्रतिशत और IREN के शेयर 12.5 प्रतिशत गिरे।हालांकि, डेमोक्रेट्स की जीत का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका में AI पर सीधे प्रतिबंध लग जाएगा। राज्य सरकारें डेटा सेंटरों के लिए स्थानीय मंजूरी, बिजली-पानी, पर्यावरण और टैक्स छूट से जुड़े नियम सख्त कर सकती हैं। वहीं, बड़े संघीय कानूनों के मामले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वीटो महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे में आने वाले समय में लड़ाई AI को रोकने की बजाय उसके विस्तार की शर्तों को लेकर ज्यादा होने की संभावना है।