INDIA गठबंधन की महारैली पर व्यापारियों की चेतावनी, 1 नवंबर को दिल्ली में आंदोलन की धमकी

रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर व्यापारिक संगठनों ने विरोध जताया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने रैली की तारीख बदलने या जगह स्थानांतरित करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि कारोबार प्रभावित होने पर आंदोलन किया जाएगा।

Knews Desk – दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित INDIA गठबंधन की महारैली को लेकर व्यापारिक संगठनों और राजनीतिक दलों के बीच विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल इस रैली को आगे बढ़ाने की मांग को लेकर कई बार पत्र लिख चुका है। अब चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने भी INDIA गठबंधन और कांग्रेस को चेतावनी दी है कि अगर महारैली नहीं टली, तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

CTI ने दावा किया है कि रैली के लिए करीब 12 लाख लोगों के दिल्ली आने से व्यापार को 25 हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है। संगठन का कहना है कि दिल्ली में लगातार धरना-प्रदर्शनों और राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण कारोबार, रोजगार और मजदूरों की आजीविका प्रभावित होती है। इसी को लेकर CTI ने 1 नवंबर को प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ रैली के विरोध में मोर्चा खोलने का ऐलान किया है।

भारतीय उद्योग व्यापार मंडल का आरोप है कि राहुल गांधी, कांग्रेस और INDIA गठबंधन का नारा व्यापारियों, कामगारों और सनातन विरोधी चेहरा उजागर करता है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 1 नवंबर को दिल्ली में रैली या प्रदर्शन के कारण व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं, तो देशभर में विरोध किया जाएगा।

व्यापारिक संगठनों ने दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए बाहरी इलाकों में अलग स्थान निर्धारित करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि बाजारों और कारोबारी क्षेत्रों में बड़े राजनीतिक आयोजनों से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है। संगठनों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर व्यापारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की है।

इससे पहले CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विस्तृत पत्र लिखकर महारैली को दिवाली के बाद आयोजित करने की मांग की थी। पत्र की प्रति कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी भेजी गई थी। CTI ने उनसे INDIA गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों से चर्चा कर रैली की तारीख बदलने का आग्रह किया था।

व्यापार मंडल की मांग है कि महारैली 1 नवंबर के बजाय 10 नवंबर या भैया दूज के बाद आयोजित की जाए। संगठन का कहना है कि यदि रैली 1 नवंबर को ही करना जरूरी है, तो इसे रामलीला मैदान से हटाकर बुराड़ी ग्राउंड या जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया जाए, ताकि बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों पर असर कम पड़े।

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