करवा चौथ पर पत्नी के लिए सोने के गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो शुद्धता, हॉलमार्क, सोने के ताजा भाव और मेकिंग चार्ज की जानकारी जरूर हासिल करें। थोड़ी-सी सावधानी से आप अपने बजट के मुताबिक सही गहना खरीद सकते हैं और अतिरिक्त खर्च से बच सकते हैं।
KNEWS DESK-करवा चौथ शादीशुदा जोड़ों के लिए खास त्योहार है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। वहीं, पति भी अपनी पत्नी को खास महसूस कराने के लिए उपहार देते हैं। ऐसे में अगर आप इस करवा चौथ पर अपनी पत्नी को सोने के गहने गिफ्ट करने की सोच रहे हैं, तो खरीदारी से पहले कुछ जरूरी बातों को समझना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच गहने खरीदते समय केवल उनके डिजाइन पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। सोने की शुद्धता, वजन, मेकिंग चार्ज और बिल में दर्ज विवरण भी महत्वपूर्ण हैं। इन बातों की जानकारी होने से आप खरीदारी के दौरान सही फैसला ले सकते हैं।
सोने की शुद्धता और हॉलमार्क जरूर जांचें
सोने के गहने खरीदते समय सबसे पहले उसकी शुद्धता की जांच करें। इसके लिए गहने पर भारतीय मानक ब्यूरो यानी बीआईएस का हॉलमार्क देखना जरूरी है। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की पहचान करने में मदद मिलती है। गहने पर दर्ज शुद्धता के निशान को ध्यान से देखें। उदाहरण के लिए, 916 का निशान आमतौर पर 22 कैरेट सोने को दर्शाता है। वहीं, अलग-अलग कैरेट के सोने में शुद्ध सोने की मात्रा अलग होती है। इसलिए गहना खरीदने से पहले उसकी शुद्धता और हॉलमार्क की जानकारी जरूर लें।
हॉलमार्क के साथ HUID नंबर भी देखें

हॉलमार्क की जानकारी होने के साथ ही गहने पर मौजूद एचयूआईडी (HUID) नंबर की जांच करना भी जरूरी है। यह छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक पहचान नंबर होता है, जिसके जरिए हॉलमार्क वाले गहने की पहचान की जा सकती है। ग्राहक बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से भी एचयूआईडी की प्रामाणिकता जांच सकते हैं। गहना खरीदते समय उसकी शुद्धता और पहचान से जुड़े विवरणों को बिल में दर्ज जानकारी से भी मिलाएं। इससे खरीदारी के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलती है।
खरीदारी से पहले सोने का ताजा भाव जानें
सोने की कीमत रोजाना बदल सकती है। इसलिए ज्वेलरी शॉप पर जाने से पहले उस दिन का बाजार भाव जरूर पता कर लें। इसके बाद आप जिस गहने को खरीद रहे हैं, उसका वजन और कैरेट देखकर सोने की कीमत का अनुमान लगा सकते हैं। ध्यान रखें कि गहने की अंतिम कीमत केवल सोने के भाव से तय नहीं होती। इसमें मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स भी शामिल होते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले दुकानदार से कीमत का पूरा हिसाब मांगें, ताकि आपको पता रहे कि किस मद में कितना पैसा लिया जा रहा है।
मेकिंग चार्ज पर जरूर करें बातचीत
सोने के गहनों की कीमत में मेकिंग चार्ज भी अहम भूमिका निभाता है। यह गहने के डिजाइन, निर्माण और ज्वेलर की मूल्य निर्धारण नीति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। एक जैसी शुद्धता और वजन वाले गहनों की कीमत अलग दुकानों पर अलग हो सकती है। ऐसे में खरीदारी से पहले दो-तीन ज्वेलर्स के यहां कीमत और मेकिंग चार्ज की तुलना करें। दुकानदार से मेकिंग चार्ज के बारे में स्पष्ट जानकारी लें और संभव हो तो इस पर बातचीत भी करें। इससे आप अपने बजट के अनुसार बेहतर विकल्प चुन सकते हैं।
पत्थरों और नगों वाले गहनों का वजन समझें
अगर आप अपनी पत्नी के लिए मीनाकारी, नग, मोती या दूसरे पत्थरों से सजा हुआ गहना खरीद रहे हैं, तो उसके वजन का पूरा विवरण जरूर लें। गहने के कुल वजन और उसमें मौजूद सोने के वास्तविक वजन के बीच अंतर हो सकता है। दुकानदार से पूछें कि गहने में शुद्ध सोने का वजन कितना है और पत्थरों या अन्य सजावटी सामग्री का वजन कितना है। इससे आपको सोने की वास्तविक कीमत समझने में मदद मिलेगी और आप अलग-अलग गहनों की सही तुलना कर सकेंगे।
पक्का बिल लेना न भूलें
सोने के गहने खरीदने के बाद पक्का बिल जरूर लें। बिल में गहने की शुद्धता, वजन, सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज और लागू जीएसटी का विवरण होना चाहिए। अगर गहने में पत्थर या नग लगे हैं, तो उनसे संबंधित जानकारी भी बिल में स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए। बिल को सुरक्षित रखें, क्योंकि भविष्य में गहने की मरम्मत, एक्सचेंज या दोबारा बिक्री के दौरान यह उपयोगी हो सकता है। खरीदारी के समय बिल में दर्ज सभी जानकारियों को ध्यान से पढ़ें और किसी भी तरह की अस्पष्टता होने पर दुकानदार से स्पष्टीकरण मांगें।
करवा चौथ पर पत्नी के लिए सोना खरीदना एक खास मौका हो सकता है, लेकिन भावनाओं के साथ बजट और खरीदारी की समझदारी का ध्यान रखना भी जरूरी है। हॉलमार्क और एचयूआईडी की जांच, ताजा भाव की जानकारी, मेकिंग चार्ज की तुलना और पक्का बिल लेने जैसी सावधानियां अपनाकर आप अपनी पत्नी के लिए पसंदीदा गहना खरीद सकते हैं और अनावश्यक खर्च से बच सकते हैं।