Mobile Number Portability: नंबर बदले बिना बदलें SIM कंपनी, जानें पोर्ट कराने का तरीका और कितना लगेगा चार्ज

मोबाइल नेटवर्क से परेशान हैं या दूसरी टेलीकॉम कंपनी का रिचार्ज प्लान पसंद आ गया है? अब आपको नया नंबर लेने की जरूरत नहीं है। मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) के जरिए आप अपना पुराना नंबर बरकरार रखते हुए दूसरी कंपनी का SIM इस्तेमाल कर सकते हैं। जानिए पोर्टिंग के लिए SMS कैसे भेजें, कितना शुल्क लगेगा और पूरी प्रक्रिया में कितने दिन लग सकते हैं।

KNEWS DESK- मोबाइल फोन आज हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। कॉलिंग, इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं के लिए बेहतर नेटवर्क होना जरूरी है। लेकिन कई बार मौजूदा टेलीकॉम ऑपरेटर की सर्विस से परेशानी होने लगती है। कहीं नेटवर्क कमजोर रहता है, तो कहीं इंटरनेट की स्पीड उम्मीद के मुताबिक नहीं मिलती। ऐसी स्थिति में टेलीकॉम कंपनी बदलना एक विकल्प हो सकता है।

इसके लिए मोबाइल नंबर बदलने की जरूरत नहीं होती। मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी यानी MNP की सुविधा के तहत ग्राहक अपना मौजूदा 10 अंकों का मोबाइल नंबर दूसरी टेलीकॉम कंपनी में ट्रांसफर करा सकते हैं। इसके लिए पहले यूनिक पोर्टिंग कोड (UPC) प्राप्त करना होता है और फिर नए ऑपरेटर के पास पोर्टिंग रिक्वेस्ट जमा करनी होती है।

मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के लिए क्या करें?

अगर आप अपना SIM किसी दूसरी कंपनी में पोर्ट कराना चाहते हैं, तो इसके लिए कुछ आसान स्टेप्स अपनाने होंगे।

स्टेप 1: 1900 पर भेजें SMS

सबसे पहले अपने मौजूदा मोबाइल नंबर से मैसेज बॉक्स खोलें। उसमें PORT लिखें, एक स्पेस दें और अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर टाइप करें। इसके बाद इस मैसेज को 1900 पर भेज दें।

स्टेप 2: UPC कोड प्राप्त करें

SMS भेजने के बाद आपको 1901 से यूनिक पोर्टिंग कोड (UPC) प्राप्त होगा। इस कोड को सुरक्षित रखें, क्योंकि पोर्टिंग रिक्वेस्ट के लिए इसकी जरूरत पड़ेगी। UPC की वैधता सीमित होती है, इसलिए कोड मिलने के बाद उसकी एक्सपायरी भी जांच लें।

स्टेप 3: नई टेलीकॉम कंपनी चुनें

अब जिस कंपनी का नेटवर्क इस्तेमाल करना चाहते हैं, उसके अधिकृत स्टोर या पॉइंट ऑफ सेल (PoS) पर जाएं। वहां मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के लिए आवेदन करना होगा।

स्टेप 4: फॉर्म और KYC प्रक्रिया पूरी करें

नए ऑपरेटर के पास कस्टमर एक्विजिशन फॉर्म (CAF) और पोर्टिंग फॉर्म भरें। इसके साथ UPC कोड दें और आवश्यक KYC प्रक्रिया पूरी करें। आवेदन जमा होने के बाद आपको SMS के जरिए रिक्वेस्ट की जानकारी मिल सकती है।

स्टेप 5: पोर्टिंग रिक्वेस्ट कैंसिल करने का तरीका

अगर आप आवेदन जमा करने के बाद अपना फैसला बदल लेते हैं, तो निर्धारित समय के भीतर पोर्टिंग रिक्वेस्ट वापस ले सकते हैं। इसके लिए CANCEL लिखकर स्पेस दें और अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर जोड़ें। इस SMS को 1900 पर भेजें। आवेदन वापस लेने की समय-सीमा और लागू नियमों की पुष्टि जरूर करें।

स्टेप 6: पोर्टिंग पूरी होने का इंतजार करें

पोर्टिंग की प्रक्रिया पूरी होने में लगने वाला समय आपके टेलीकॉम सर्किल और क्षेत्र पर निर्भर करता है। आमतौर पर इसमें कुछ कार्यदिवस लगते हैं। जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ ईस्ट के कुछ क्षेत्रों में प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है।

स्टेप 7: नए SIM का इस्तेमाल शुरू करें

पोर्टिंग पूरी होने पर पुराने ऑपरेटर की सर्विस बंद हो जाएगी और नया ऑपरेटर आपके नंबर को अपने नेटवर्क पर सक्रिय करेगा। निर्धारित समय पर नए SIM का इस्तेमाल शुरू करें। इस दौरान कुछ समय के लिए मोबाइल सेवा बाधित हो सकती है।

SIM पोर्ट कराने का कितना लगेगा चार्ज?

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के FAQ के मुताबिक, पोर्टिंग रिक्वेस्ट के लिए नया ऑपरेटर अधिकतम ₹6.46 का शुल्क ले सकता है। हालांकि, नए ऑपरेटर की अन्य शर्तों और सेवाओं के अनुसार अतिरिक्त खर्च हो सकता है। ध्यान रखें कि पोर्टिंग शुल्क और नए SIM के रिचार्ज प्लान की कीमत अलग-अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन जमा करने से पहले अधिकृत स्टोर से कुल खर्च की जानकारी लेना बेहतर है।

क्या SIM पोर्ट कराने के बाद नंबर बदल जाता है?

नहीं, मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की सबसे बड़ी खासियत यही है कि आपका पुराना मोबाइल नंबर बरकरार रहता है। केवल टेलीकॉम ऑपरेटर बदलता है। इस सुविधा से आपको अपने संपर्कों को नया नंबर बताने या पुराने नंबर से जुड़े कई खातों में बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, पोर्टिंग के लिए पात्रता की शर्तें पूरी करना जरूरी है। अगर नंबर हाल ही में सक्रिय हुआ है या पिछली पोर्टिंग के बाद निर्धारित अवधि पूरी नहीं हुई है, तो रिक्वेस्ट स्वीकार होने में समस्या हो सकती है।

SIM पोर्ट होने में कितने दिन लगते हैं?

पोर्टिंग का समय क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। सामान्य परिस्थितियों में एक ही टेलीकॉम सर्किल में नंबर पोर्ट होने में लगभग 3 कार्यदिवस लग सकते हैं। अलग सर्किल में पोर्टिंग के लिए लगभग 5 कार्यदिवस लग सकते हैं। जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ ईस्ट के कुछ क्षेत्रों में इसमें 15 कार्यदिवस तक लग सकते हैं। पोर्टिंग पूरी होने की तारीख और समय की जानकारी SMS के जरिए दी जा सकती है। इसलिए पुराने SIM को तब तक सुरक्षित रखें, जब तक पोर्टिंग पूरी न हो जाए और नया SIM सक्रिय न हो जाए।

पोर्ट कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

SIM पोर्ट कराने से पहले यह जांच लें कि आपका नंबर पोर्टिंग के लिए पात्र है या नहीं। नए ऑपरेटर के नेटवर्क कवरेज, रिचार्ज प्लान, इंटरनेट स्पीड और ग्राहक सेवा की जानकारी भी हासिल करें। इसके अलावा, UPC की वैधता और पोर्टिंग से जुड़े नियमों को समझना जरूरी है।

अगर आप मौजूदा नेटवर्क या रिचार्ज प्लान से संतुष्ट नहीं हैं, तो मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी आपके लिए उपयोगी विकल्प हो सकती है। सही जानकारी और जरूरी प्रक्रिया पूरी करके आप अपना पुराना नंबर बरकरार रखते हुए दूसरी टेलीकॉम कंपनी की सेवाएं इस्तेमाल कर सकते हैं।

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