Knews Desk- सर्दियों में दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में लोग बाहर निकलते समय मास्क पहनने और प्रदूषित हवा से बचने के उपाय करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर के अंदर भी प्रदूषण आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है? रसोई में खाना बनाते समय निकलने वाली गैसें और बारीक कण घर की हवा को दूषित कर सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, रसोई में पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होने पर यह समस्या और गंभीर हो सकती है।आमतौर पर घरों में खाना बनाने के लिए एलपीजी गैस का इस्तेमाल किया जाता है। गैस जलने के दौरान नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) जैसी गैस निकल सकती है। वहीं, गैस का दहन ठीक से नहीं होने पर कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) भी बन सकती है। इसके अलावा, खाना तलने, भूनने और तेज आंच पर पकाने के दौरान हवा में बहुत छोटे कण फैलते हैं। ये प्रदूषक घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।
अगर रसोई छोटी है, खिड़कियां बंद रहती हैं या हवा बाहर निकलने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, तो प्रदूषकों का स्तर बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में खाना बनाते समय निकलने वाली गैसें और बारीक कण लंबे समय तक घर के अंदर मौजूद रह सकते हैं। इसलिए घर के अंदर की हवा को साफ रखने के लिए रसोई में वेंटिलेशन पर ध्यान देना जरूरी है।रसोई में मौजूद प्रदूषण का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ सकता है। इसके संपर्क में आने से कुछ लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द या सांस लेने में परेशानी हो सकती है। अस्थमा और सांस की दूसरी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है।
कार्बन मोनोऑक्साइड एक जहरीली गैस है, जो रंगहीन और गंधहीन होती है। इसके अधिक संपर्क में आने से सिरदर्द, चक्कर और कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। गंभीर स्थिति में व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है। इसलिए गैस चूल्हे का सही तरीके से काम करना और रसोई में हवा आने-जाने की पर्याप्त व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।पैसिफिक वनहेल्थ हॉस्पिटल की कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका बिंदरू के मुताबिक, घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता का ध्यान रखना भी स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है। खाना बनाते समय संभव हो तो रसोई की खिड़कियां खुली रखें, ताकि ताजी हवा अंदर आ सके और प्रदूषित हवा बाहर निकल सके। एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें। अगर रसोई में चिमनी लगी है, तो उसे सही तरीके से चलाएं और नियमित रूप से साफ करें।
गैस चूल्हे की भी नियमित जांच करानी चाहिए। सामान्य तौर पर गैस की लौ नीली होनी चाहिए। अगर लौ लगातार पीली या नारंगी दिखाई दे, तो चूल्हे की जांच किसी प्रशिक्षित तकनीशियन से कराएं। खाना बनाते समय तेल को जरूरत से ज्यादा गर्म न करें और भोजन को जलने से बचाएं, क्योंकि इससे धुआं और बारीक कण बढ़ सकते हैं। खाना बनाते समय गैस पर नजर रखें और इस्तेमाल के बाद बर्नर बंद कर दें।अगर रसोई में गैस की गंध आए, तो उसे नजरअंदाज न करें। गैस के रिसाव की आशंका होने पर आग न जलाएं और बिजली के स्विचों को न छुएं। सुरक्षित तरीके से बाहर निकलें और गैस आपूर्तिकर्ता या आपातकालीन सेवा से संपर्क करें।वायु प्रदूषण से बचाव के लिए केवल बाहर की हवा पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। रसोई में सही वेंटिलेशन, चूल्हे की नियमित जांच और खाना बनाते समय सावधानी अपनाकर घर के अंदर प्रदूषकों के संपर्क को कम किया जा सकता है।