लखनऊ में पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र किया। साथ ही पुलिसकर्मियों के भत्ते बढ़ाने की घोषणा करते हुए फील्ड ड्यूटी में तैनात जवानों और अधिकारियों को राहत दी।
Knews Desk – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा में पुलिस की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि सुरक्षा केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक रोजमर्रा की जिंदगी में जिस सुरक्षा का अनुभव करते हैं, उसके पीछे पुलिसकर्मियों के असाधारण प्रयास हैं।
सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पिछली सरकारों के कार्यकाल में पुलिस की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक दौर ऐसा था, जब पुलिस अधिकारी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले सोचते थे, क्योंकि कार्रवाई के बाद सत्ता के गलियारों से फोन आने लगते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय अपराधियों के बजाय पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो जाती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में अपराधियों का समानांतर राज चलता था और कानून तमाशबीन बनकर रह गया था। उन्होंने पुलिस कार्रवाई, मुठभेड़ और जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल उठाने वालों को भी निशाने पर लिया। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग माफिया और आतंकियों की मौत पर शोक जताते हैं, लेकिन अपराधियों की गोली से शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदना नहीं दिखाते।
पुलिसकर्मियों के भत्ते बढ़ाने की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के भत्तों में बढ़ोतरी का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षक और निरीक्षक स्तर के अधिकारियों का मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह किया जा रहा है।
इसके अलावा पीपीएस संवर्ग के अधिकारियों का यूनिफॉर्म भत्ता 6,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने की घोषणा की गई। वहीं, फील्ड ड्यूटी में तैनात आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों का भत्ता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रदेश की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। पुलिस स्मृति दिवस पर उन्होंने शहीद जवानों के बलिदान को याद करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।