3 iPhone, बुर्का और FaceTime… 11 दिन तक पुलिस से कैसे बचती रही Shraddha Dubey?

Shiva Sharma Death Case: लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे को 11 दिन की तलाश के बाद नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, वह सीतापुर, लखीमपुर, नेपाल, रायबरेली, लखनऊ और आगरा होते हुए नागपुर पहुंची। इस दौरान उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को भी गिरफ्तार किया गया।

Knews Desk – लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद उसकी फरारी से जुड़े कई अहम पहलू सामने आए हैं। पुलिस और एसटीएफ की टीमें करीब 11 दिनों तक उसकी तलाश में जुटी रहीं। जांच के दौरान पुलिस को उत्तर प्रदेश के कई जिलों से लेकर नेपाल तक उसकी गतिविधियों के सुराग मिले। आखिरकार 20 अक्टूबर को नागपुर में स्थानीय पुलिस की मदद से श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को गिरफ्तार कर लिया गया।

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा कथित तौर पर तीन आईफोन का इस्तेमाल कर रही थी और FaceTime के जरिए बातचीत करती थी। उत्तर प्रदेश एसटीएफ के प्रमुख अमिताभ यश ने बताया कि श्रद्धा को लगातार जानकारी और तकनीकी सहायता मिल रही थी। पुलिस के अनुसार, वह अपनी पहचान छिपाने और डिजिटल निगरानी से बचने की कोशिश कर रही थी। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फरारी के दौरान किन लोगों ने उसकी मदद की और उसे पुलिस की गतिविधियों की जानकारी कैसे मिलती रही।

सूत्रों के मुताबिक, आगरा में ही एसटीएफ को श्रद्धा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। उसके पांच संदिग्ध करीबियों में से एक से मिली सूचना के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। बताया जा रहा है कि श्रद्धा बुर्का पहनकर आगरा से विमान के जरिए नागपुर पहुंची थी और वहां एक होटल या गेस्ट हाउस में ठहरी थी। पुलिस ने इसी सुराग के आधार पर उसकी घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियों को यह जानकारी भी मिली कि उसे नागपुर से मुंबई ले जाने और वहां एक फार्महाउस में ठहराने की योजना बनाई जा रही थी।

इस मामले की शुरुआत 9 अक्टूबर को हुई, जब लखनऊ के हजरतगंज इलाके में बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कारोबारी शिवा शर्मा गिर गए थे। बाद में उनकी मौत हो गई। शिवा की मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा दुबे और अन्य लोगों पर हत्या समेत गंभीर आरोप लगाए। शिकायत के आधार पर 10 अक्टूबर को हजरतगंज पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और अन्य आरोपियों की तलाश शुरू हुई। श्रद्धा ने खुद को निर्दोष बताते हुए आत्महत्या का दावा किया था। मामले में पुलिस दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

शिवा की मौत के बाद श्रद्धा के लखनऊ से निकलने की जानकारी सामने आई। पुलिस की तलाश सीतापुर और फिर लखीमपुर तक पहुंची, लेकिन तब तक वह वहां से जा चुकी थी। इसी दौरान उसकी स्कॉर्पियो बहराइच जिले के रुपईडीहा बॉर्डर के पास एक निजी पार्किंग में लावारिस हालत में मिली। जांच के अनुसार, गाड़ी छोड़ने के बाद आरोपी पैदल नेपाल की सीमा में दाखिल हुए थे। नेपाल के महीम नगर बस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और सहयोगी आदिल के दिखाई देने की बात भी सामने आई। बताया गया कि तीनों ने वहां रात बिताई और अगले दिन बस से आगे निकल गए।

नेपाल में भी श्रद्धा लगातार अपने ठिकाने बदलती रही। पुलिस को उसके संभावित ठिकानों की जानकारी मिलती रही, लेकिन टीमों के पहुंचने से पहले ही उसके वहां से निकल जाने की बात सामने आती रही। जांच के दौरान यह भी पता चला कि वह 16 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे रायबरेली पहुंची थी। उसके साथ उसकी बहन रश्मि और एक अन्य युवक भी था। रायबरेली में उसकी मौजूदगी सीसीटीवी फुटेज में दर्ज होने की बात कही गई। बताया गया कि पहचान पत्र उपलब्ध न होने के कारण उसे एक होटल में कमरा नहीं मिला, जिसके बाद वह किसी करीबी के घर पर ठहरी। वह 17 अक्टूबर की सुबह करीब 9 बजे तक रायबरेली में रही।

इसके बाद 17 अक्टूबर को श्रद्धा लखनऊ पहुंची। उसने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी की और अलग-अलग स्थानों पर ठहरी। 18 अक्टूबर को उसने एक जगह पर समाचार एजेंसी को बयान भी दिया, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताया। इसके बाद वह आगरा की ओर रवाना हो गई। उसके लखनऊ आने और मीडिया को बयान देने के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठे। इस घटनाक्रम के बाद हजरतगंज कोतवाली के प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया, जबकि एसीपी और डीसीपी स्तर पर भी तबादले किए गए।

आगरा पहुंचने के बाद श्रद्धा और उसकी बहन के बुर्का पहनकर एक होटल में ठहरने तथा कथित तौर पर गलत पहचान बताने की जानकारी सामने आई। सूत्रों के अनुसार, आगरा में पुलिस को उसके बारे में अहम सुराग मिला, लेकिन टीमों के पहुंचने तक वह वहां से निकल चुकी थी। इसके बाद उसकी लोकेशन नागपुर में मिली। उत्तर प्रदेश एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीनों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की पुष्टि उत्तर प्रदेश एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने की।

अब पुलिस के सामने फरारी के दौरान श्रद्धा की गतिविधियों, उसे मिल रही कथित मदद और शिवा शर्मा की मौत से जुड़े आरोपों की जांच करना अहम है। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। पूछताछ में यह स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी कि श्रद्धा लखनऊ से नागपुर तक किन लोगों के संपर्क में रही और इस दौरान उसे किस तरह की सहायता मिली। शिवा शर्मा की मौत के मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।

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