KNEWS DESK- दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट कोर्स पूरा करने वाले छात्रों के लिए सीधे पीएचडी में एडमिशन की प्रक्रिया के तहत प्रवेश परीक्षा का पैटर्न और सिलेबस जारी कर दिया है। इस व्यवस्था के तहत वे छात्र पीएचडी में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिन्होंने ग्रेजुएशन के चौथे वर्ष में रिसर्च प्रबंध, एकेडमिक प्रोजेक्ट या एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़ा काम किया है, लेकिन UGC-CSIR NET या GATE जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पास नहीं की है। विश्वविद्यालय ने पात्रता, न्यूनतम CGPA, परीक्षा में अंकों के वितरण और इंटरव्यू से जुड़े नियम भी निर्धारित किए हैं। हालांकि, परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
चार वर्षीय UG कोर्स वालों को मिलेगा मौका
दिल्ली यूनिवर्सिटी की इस प्रवेश प्रक्रिया में वही उम्मीदवार शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के करिकुलम एंड क्रेडिट फ्रेमवर्क (UGCF-2022) के तहत आठ सेमेस्टर पूरे किए हैं। सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 7.5 CGPA अनिवार्य रखा गया है। वहीं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 7 CGPA जरूरी है। इसके अलावा, छात्रों के लिए अंडरग्रेजुएट के चौथे वर्ष में शोध प्रबंध, अकादमिक प्रोजेक्ट या उद्यमिता से संबंधित कार्य करना भी आवश्यक है। केवल अनुवाद का कार्य करने वाले छात्रों को इस आधार पर पात्र नहीं माना जाएगा।
दो घंटे की परीक्षा में पूछे जाएंगे 100 अंकों के सवाल
DU PhD प्रवेश परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी और इसे हल करने के लिए उम्मीदवारों को दो घंटे का समय दिया जाएगा। परीक्षा को दो भागों में बांटा गया है। पहले भाग में रिसर्च मेथडोलॉजी यानी शोध पद्धति से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे, जबकि दूसरे भाग में उम्मीदवार के संबंधित विषय से सवाल होंगे। दोनों भागों के लिए 50-50 अंक निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा में गलत उत्तर देने पर संबंधित प्रश्न के निर्धारित अंकों का 25 प्रतिशत काटा जाएगा। ऐसे में उम्मीदवारों को सवालों का जवाब देते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी।
इंटरव्यू के लिए कितने अंक लाना जरूरी?
प्रवेश परीक्षा में सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए पात्र होने के लिए कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। आरक्षित श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम अंक की सीमा 45 प्रतिशत रखी गई है। फाइनल चयन में प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू, दोनों के अंकों को महत्व दिया जाएगा। इसमें एंट्रेंस एग्जाम के अंकों को 70 प्रतिशत और इंटरव्यू को 30 प्रतिशत वेटेज मिलेगा। इंटरव्यू से पहले उम्मीदवारों को अपने रिसर्च कार्य या प्रोजेक्ट की रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।
विषय के हिसाब से अलग होगा सिलेबस
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने विभिन्न विषयों के लिए शोध पद्धति का पाठ्यक्रम निर्धारित किया है। कॉमर्स, ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंस, मनोविज्ञान और होम साइंस के उम्मीदवारों को अपनी संबंधित विषय श्रेणी के अनुसार सिलेबस की तैयारी करनी होगी। वहीं, साइंस, मैथ्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और कंप्यूटर साइंस के अभ्यर्थियों के लिए अलग पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसलिए उम्मीदवारों को परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले अपने विषय से संबंधित सिलेबस को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।
कब होगी परीक्षा? जानें जरूरी बात
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने फिलहाल प्रवेश परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की है। परीक्षा की तिथि, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जरूरी निर्देश विश्वविद्यालय की ओर से बाद में जारी किए जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे DU की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट चेक करते रहें, ताकि आवेदन और परीक्षा से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जानकारी छूट न जाए।
चार वर्षीय UG कोर्स पूरा कर चुके और निर्धारित CGPA की पात्रता रखने वाले छात्रों के लिए यह पीएचडी में प्रवेश पाने का एक अवसर है। ऐसे में उम्मीदवारों को अपने शोध कार्य, संबंधित विषय और रिसर्च मेथडोलॉजी की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।