Knews Desk- CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि लगातार प्रदर्शनों का असर दिल्ली के छोटे-बड़े व्यापारियों, दुकानदारों और सेवा क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों पर पड़ रहा है। अक्टूबर का महीना व्यापारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि नवरात्रि, रामलीला और दिवाली के दौरान बाजारों में खरीदारी बढ़ती है। ऐसे में कारोबार प्रभावित होने से व्यापारियों की सालभर की कमाई पर असर पड़ने की आशंका है।रिटेल कारोबार को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। CTI के अनुमान के मुताबिक, खुदरा व्यापार में करीब 1800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जो कुल नुकसान का 60 प्रतिशत है। सदर बाजार, चांदनी चौक, कश्मीरी गेट, चावड़ी बाजार, भागीरथ प्लेस, गांधी नगर, नया बाजार, खारी बावली, करोल बाग, लाजपत राय मार्केट और कनॉट प्लेस समेत दिल्ली के 700 से अधिक बाजार प्रभावित हुए। त्योहारों के दौरान होने वाली खरीदारी और ग्राहकों की आवाजाही में बाधा आने से दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा।
थोक व्यापार और बाहरी खरीदारों से जुड़े कारोबार में भी गिरावट दर्ज की गई। CTI के अनुसार, इस क्षेत्र को करीब 600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद और राजस्थान से आने वाले थोक खरीदारों की आवाजाही प्रभावित हुई। संगठन का दावा है कि 3 से 4 लाख थोक खरीदार दिल्ली नहीं पहुंच सके। इसके अलावा, ट्रकों की आवाजाही बाधित होने से सप्लाई चेन पर भी असर पड़ा और त्योहारों के लिए मंगाया गया सामान गोदामों में पड़ा रहा।हॉस्पिटैलिटी और सर्विस सेक्टर को लगभग 300 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, ब्यूटी पार्लर, सैलून, जिम और क्लब जैसे कारोबार प्रभावित हुए। वहीं, परिवहन, ऑटो-टैक्सी और पर्यटन क्षेत्र में करीब 180 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। मेट्रो स्टेशनों के बंद होने, ट्रैफिक जाम और बसों के रूट बदलने से यात्रियों को परेशानी हुई और परिवहन से जुड़े लोगों की कमाई प्रभावित हुई।
अनौपचारिक क्षेत्र में दिहाड़ी मजदूरों, कारीगरों, लोडिंग-अनलोडिंग कर्मचारियों और रेहड़ी-पटरी वालों को भी नुकसान हुआ। CTI के मुताबिक, इस क्षेत्र में करीब 120 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। संगठन का कहना है कि बाजारों में कामकाज प्रभावित होने से बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूरों को काम नहीं मिल पाया।CTI ने सरकार से मांग की है कि दिवाली तक सेंट्रल दिल्ली, नई दिल्ली और लुटियंस जोन में धरना-प्रदर्शनों पर रोक लगाई जाए। इसके अलावा, बुराड़ी, रोहिणी और द्वारका जैसे इलाकों में स्थायी प्रदर्शन स्थल बनाने, प्रभावित व्यापारियों को राहत पैकेज देने और बिजली-पानी के बिलों तथा GST में छूट देने की मांग की गई है। संगठन ने पुलिस प्रशासन से यह भी अपील की है कि दुकानदारों पर दुकानें बंद करने का दबाव डालने के बजाय बाजारों को सुरक्षित और खुला रखने की व्यवस्था की जाए।