KNEWS DESK- NEET पेपर लीक मामले के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर चर्चा तेज है। इसी बीच परीक्षा सुधारों के लिए गठित हाई पावर टास्क फोर्स के प्रमुख और इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ने पेपर लीक रोकने के लिए कई सुझाव दिए हैं। इनमें कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) और अंतिम समय में प्रश्नपत्र तैयार करने का प्रस्ताव शामिल है।
ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में नीलेकणि ने सुझाव दिया कि प्रश्नपत्र को परीक्षा से काफी पहले तैयार करने के बजाय अंतिम समय में प्रश्नों के एक बड़े बैंक से तैयार किया जाना चाहिए। इससे प्रश्नपत्र पहले से लीक होने और उसे बेचने की आशंका कम हो सकती है। नीलेकणि के अनुसार, प्रश्नों का एक बड़ा बैंक बनाया जाना चाहिए, जिसमें से परीक्षा के समय सवाल चुनकर प्रश्नपत्र तैयार किया जाए। इस व्यवस्था से परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने सभी परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने का भी सुझाव दिया। उनके मुताबिक, देश में करीब 1.5 लाख ऐसे स्थान हैं, जहां कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं आयोजित की जा सकती हैं। इस व्यवस्था को अपनाने से परीक्षा संचालन और सुरक्षा प्रणाली को मजबूत किया जा सकता है। नंदन नीलेकणि आधार डिजिटल पहचान प्रणाली के विकास और क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभा चुके हैं। वह 2009 से 2014 तक भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के पहले अध्यक्ष रहे।
NEET UG परीक्षा को पेन-पेपर मोड से CBT मोड में बदलने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, इन सुझावों के लागू होने और परीक्षा प्रणाली में बदलाव को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारियों की ओर से लिया जाना बाकी है।