राहुल गांधी के विपक्षी प्रदर्शन को ‘शिवजी की बारात’ और ‘शिव का तांडव’ बताने वाले बयान पर सियासी विवाद बढ़ गया है। बीजेपी ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह शिवजी की बारात नहीं, बल्कि अराजकता फैलाने वाले हुड़दंगियों की जमात है।
Knews Desk- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। इसी दौरान उन्होंने विपक्षी दलों के प्रदर्शन को ‘शिवजी की बारात’ और ‘शिव का तांडव’ बताया। उनके इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
राहुल गांधी ने विपक्षी दलों से आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह संविधान को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जो भी संविधान की रक्षा करना चाहता है, वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा होने के बावजूद इस आंदोलन का हिस्सा बन सकता है। राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के दौरान भी विपक्षी दलों से एकजुट रहने की अपील की।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने अपनी बहन की ओर से आंदोलन की योजना बनाने की बात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह केवल योजना के आधार पर चलने वाला आंदोलन नहीं है, बल्कि उन्होंने इसे ‘शिव का तांडव’ बताया। राहुल गांधी ने कहा कि आंदोलन के दौरान योजनाओं में बदलाव हुआ, लेकिन इसके बावजूद परिणाम सामने आए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ये नतीजे केवल योजना के कारण आए या बिना पूर्व योजना के उठाए गए कदमों से भी बदलाव संभव हुआ।
राहुल गांधी ने विपक्ष के आंदोलन को ‘शिवजी की बारात’ बताते हुए कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान बचाने की लड़ाई में भाग लेने के लिए किसी को रोका नहीं जाना चाहिए। उनके इस बयान को लेकर बीजेपी ने आपत्ति जताई और इसे राजनीतिक प्रदर्शन के लिए धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल से जोड़कर आलोचना की।केंद्रीय कृषि मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा, “ये शिवजी की बारात नहीं, बल्कि अराजकता फैलाने वाले हुड़दंगियों की जमात है।” उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी लगातार चुनाव हार रही है और सड़क पर आंदोलन करना उसकी नियति बन गया है। चौहान ने कांग्रेस को परजीवी पार्टी बताते हुए उसके राजनीतिक प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए।
शिवराज सिंह चौहान ने संविधान को लेकर कांग्रेस के दावों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस पार्टी ने कथित तौर पर 90 बार चुनी हुई सरकारों को बदलने का काम किया, वह संविधान की बात कैसे कर सकती है। उन्होंने दावा किया कि देश के कई बड़े राज्यों में कांग्रेस का प्रभाव कम हुआ है और कुछ राज्यों में वह अन्य दलों के साथ सहयोगी की भूमिका में रह गई है।बीजेपी प्रवक्ता संदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी के बयान का वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के प्रदर्शन की तुलना ‘शिवजी की बारात’ से करने पर आपत्ति जताई और इसे उनकी कथित हिंदू विरोधी सोच से जोड़कर आलोचना की।इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस विपक्ष के आंदोलन को संविधान की रक्षा से जुड़ा संघर्ष बता रही है, जबकि बीजेपी राहुल गांधी के बयान और आंदोलन के तरीके पर सवाल उठा रही है। वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच दोनों दलों की बयानबाजी ने विवाद को और तेज कर दिया है।