अयोध्या पहुंचे समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती दी। श्रीमद्भागवत कथा के समापन समारोह में शामिल हुए अखिलेश ने सत्ता, चुनाव आयोग और सरकारी एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
Knews Desk– समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। वह सपा नेता तेज नारायण उर्फ पवन पांडे की ओर से रसूलाबाद में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी।
अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर अयोध्या के लोगों को काम मिलेगा और हर साल उत्तर प्रदेश की महिलाओं को 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
अखिलेश ने कहा कि सभी को समान मानना और हर व्यक्ति की गरिमा व प्रतिष्ठा का सम्मान एवं संरक्षण करना सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में कदम है। उन्होंने भगवान कृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि द्वारका में 16,000 बंदी महिलाओं को अपने नाम और सौभाग्य से जोड़कर उन्हें सम्मान और सुरक्षा दी गई और समाज में बराबरी दिलाई गई। उनके मुताबिक यह पीड़ित, शोषित और वंचित लोगों के उद्धार का बड़ा उदाहरण है।
सुदर्शन चक्र का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने सरकारी एजेंसियों और अधिकारियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भागवत कथा से आज की सरकारी संस्थाओं के लिए भी सीख मिलती है। उनके मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र सज्जनों की रक्षा के लिए है, उन्हें डराने के लिए नहीं।
अखिलेश यादव ने कहा कि अधिकारियों और सरकार में बैठे लोगों को भी भगवान श्रीकृष्ण से यह सीख लेनी चाहिए कि शक्ति का इस्तेमाल सदुपयोग के लिए होना चाहिए, दुरुपयोग के लिए नहीं। उन्होंने आज के सत्ताधीशों और चुनाव आयोग को भी कृष्ण भगवान से सीख लेने की बात कही।
उन्होंने कहा कि राज छल से नहीं, बल्कि प्रेम और जनमत से मिलता है। अखिलेश के मुताबिक भगवान कृष्ण ने कभी छल से हस्तिनापुर की गद्दी दिलाने का प्रयास नहीं किया, बल्कि धर्म के पक्ष में खड़े होकर पांडवों को न्याय दिलाने का काम किया।