Knews Desk- समाजवादी पार्टी ने उद्योगपति धनराज नाथवानी को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है। उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। लेकिन नामांकन के कुछ ही दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में उनकी सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। बीजेपी ने इसे दिल से की गई तारीफ बताया है, जबकि बसपा ने सपा और बीजेपी के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया है। वहीं, सपा ने इस पूरे मामले पर अब तक चुप्पी साध रखी है।
धनराज नाथवानी ने 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी। अपनी पोस्ट में उन्होंने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के शपथ लेने से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक के सफर का जिक्र किया। उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व, समर्पण, राष्ट्र निर्माण और सेवा के संकल्प की तारीफ करते हुए उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए आगे भी शक्ति और सफलता की शुभकामनाएं दीं।
धनराज नाथवानी का समाजवादी पार्टी से पहले कोई प्रत्यक्ष राजनीतिक जुड़ाव नहीं रहा है। वह न तो सपा में रहे हैं और न ही पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय तौर पर नजर आए हैं। वह कॉरपोरेट जगत से जुड़े हैं और रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी हैं।
जब अखिलेश यादव ने उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाने का फैसला किया था, तब उन्होंने कहा था कि कई राजनीतिक दलों की कॉरपोरेट जगत में मौजूदगी है। सपा भी कारोबारी दुनिया से जुड़ाव के लिए एक व्यक्ति को उच्च सदन में भेजना चाहती है।
पिता परिमल नाथवानी NDA समर्थित सांसद
धनराज नाथवानी के पिता परिमल नाथवानी भी राज्यसभा सांसद हैं। जून 2026 में वह झारखंड से NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा पहुंचे थे। इसके साथ ही वह लगातार चौथी बार उच्च सदन के सदस्य बने।
परिमल नाथवानी रिलायंस समूह से भी जुड़े हैं। ऐसे में एक ही परिवार के दो सदस्यों की राज्यसभा तक पहुंचने की राजनीतिक राह अलग-अलग दिखाई देती है। पिता NDA समर्थित निर्दलीय सांसद हैं, जबकि बेटे धनराज नाथवानी को समाजवादी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है और उनका राज्यसभा पहुंचना लगभग तय है।
धनराज नाथवानी गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने नवंबर 2022 में इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2009 से 2014 तक गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं।
धनराज नाथवानी का गुजरात से मजबूत जुड़ाव रहा है। कॉरपोरेट क्षेत्र के साथ-साथ वह खेल प्रशासन में भी सक्रिय रहे हैं। यही वजह है कि सपा की ओर से उनके नाम की घोषणा के बाद से ही राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठता रहा कि अखिलेश यादव ने बीजेपी के करीबी माने जाने वाले व्यक्ति को राज्यसभा के लिए क्यों चुना।
मोदी की तारीफ के बाद और बढ़ी चर्चा
अब 7 अक्टूबर को पीएम मोदी की तारीफ में धनराज नाथवानी की पोस्ट सामने आने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है। नाथवानी ने प्रधानमंत्री के गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक के सफर को रेखांकित करते हुए उनके राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की प्रशंसा की।
राजनीतिक तौर पर इस पोस्ट को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि धनराज नाथवानी कुछ दिन पहले ही समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल कर चुके हैं।
बीजेपी ने धनराज नाथवानी की पोस्ट को लेकर कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ दिल से की है, दिमाग से नहीं। बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि नाथवानी राजनीति में नए हैं, इसलिए उन्होंने दिल से सोचा, दिमाग से नहीं।
उन्होंने कहा कि दिल से तो अखिलेश यादव भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हैं, लेकिन उनके दिमाग में राजनीतिक मजबूरियां हैं। राकेश त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि इस दौरान गरीबों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आया है और दुनिया के तमाम राष्ट्राध्यक्ष भी मोदी की प्रशंसा कर रहे हैं।
मायावती पहले ही उठा चुकी हैं सवाल
धनराज नाथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने भी अखिलेश यादव पर सवाल उठाए थे। उन्होंने नाथवानी के कॉरपोरेट कनेक्शन को सपा की PDA की राजनीति से जोड़ते हुए निशाना साधा था।
अब पीएम मोदी की तारीफ वाली पोस्ट ने एक बार फिर इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। बसपा को सपा पर सवाल उठाने का एक और मौका मिल गया है। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी के प्रवक्ता और नेता भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं।