knews desk – नोएडा के सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसायटी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन की मौत के मामले की जांच में कई नई जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस को मिले मोबाइल चैट से पता चला है कि घटना से पहले संभव के पिता ने उन्हें करीब 60 बार फोन किया था, लेकिन संभव ने एक भी कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद पिता ने उन्हें 80 से ज्यादा मैसेज किए। इन मैसेज में कर्ज, बीमारी, पारिवारिक विवाद और निजी जिंदगी से जुड़ी परेशानियों का जिक्र सामने आया है।
पुलिस के मुताबिक, एक मैसेज में संभव ने अपने पिता से कहा था कि वह जिंदगी से हार चुके हैं और अपने बेटे का ख्याल रखने की बात कही थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि घटना से पहले संभव ने अपने मोबाइल फोन में करीब 2 मिनट 40 सेकंड का एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मोबाइल फोन को कब्जे में लेकर डिजिटल सबूतों की जांच शुरू कर दी है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वीडियो में क्या दर्ज है और घटना से पहले संभव किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे। पुलिस CCTV फुटेज और मोबाइल से मिले अन्य डेटा की भी जांच कर रही है।
कमरा नंबर 4228 में रुके थे संभव
पुलिस के मुताबिक, संभव कुछ दिनों से घर से बाहर थे। शुक्रवार को उन्होंने सुपरनोवा के स्पायरा टावर स्थित स्टूडियो अपार्टमेंट नंबर 4228 को एक दिन के लिए बुक किया था। शनिवार को उन्हें चेक आउट करना था, लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत हो गई।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, उनके बच्चे का समय से पहले जन्म हुआ था और इलाज में काफी खर्च हुआ था। इसी दौरान उनके वैवाहिक जीवन में भी परेशानी आई। पत्नी के अलग होने और बाद में तलाक होने की बात सामने आई है। तलाक समझौते में करीब 15 लाख रुपये की रकम का जिक्र बताया जा रहा है।
करीब 3 करोड़ रुपये के कर्ज का दावा
परिजनों से मिली जानकारी और शुरुआती जांच में आर्थिक परेशानी भी एक अहम पहलू के तौर पर सामने आई है। संभव पर करीब 3 करोड़ रुपये का कर्ज होने की बात कही जा रही है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अब कर्ज और आर्थिक लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम में शॉक एंड हेमरेज
संभव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण शॉक एंड हेमरेज बताया गया है। पुलिस फिलहाल किसी एक वजह को घटना का अंतिम कारण नहीं मान रही है। मोबाइल चैट, वीडियो, CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश की जा रही है।