DTC और क्लस्टर बसों में अब बिना पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के मुफ्त सफर नहीं किया जा सकेगा। AC और नॉन-AC दोनों बसों में लागू होगा नया नियम, ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी मिलेगा लाभ।
Knews Desk– दिल्ली में महिलाओं के लिए चल रही मुफ्त बस यात्रा योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त सफर करने के लिए महिलाओं के पास पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड होना जरूरी होगा। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली की महिला निवासी अब DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ केवल ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ यानी NCMC के माध्यम से ले सकेंगी। यह बदलाव दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (मुफ्त और रियायती पास) (दूसरा संशोधन) नियम, 2026 के तहत किया गया है।
मुफ्त सफर के लिए कार्ड जरूरी
परिवहन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली की रहने वाली महिला यात्री DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करेंगी। हालांकि, यात्रियों के पास मुफ्त यात्रा के बजाय लागू किराए का भुगतान कर टिकट खरीदने का विकल्प भी रहेगा।
नया नियम DTC और क्लस्टर की AC और नॉन-AC दोनों तरह की बसों पर लागू होगा। पात्र महिला यात्री स्मार्ट कार्ड के जरिए मुफ्त सफर कर सकेंगी। वहीं, जो महिलाएं मुफ्त यात्रा के लिए पात्र नहीं हैं, वे भी इन बसों में यात्रा कर सकती हैं, लेकिन उन्हें निर्धारित किराया देना होगा।
ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी लाभ
सरकार की अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मुफ्त यात्रा से जुड़े प्रावधान दिल्ली के निवासी ट्रांसजेंडर लोगों पर भी लागू होंगे। पात्र ट्रांसजेंडर यात्री भी निर्धारित नियमों के तहत मुफ्त बस यात्रा की सुविधा ले सकेंगे।
पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड की शुरुआत इसी साल मार्च में की गई थी। इससे पहले महिलाओं को मुफ्त यात्रा के लिए कागजी पिंक टिकट जारी किया जाता था। स्मार्ट कार्ड ने इस व्यवस्था की जगह ली है। सरकार की ओर से मुफ्त यात्रा के लिए स्मार्ट कार्ड को अनिवार्य करने की समय सीमा पहले भी कई बार बढ़ाई गई थी।
परिवहन विभाग ने पहले ही निर्देश दिया था कि 30 सितंबर से मुफ्त बस यात्रा की सुविधा लेने के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड जरूरी होगा। अब इसे लागू कर दिया गया है।
19 लाख महिलाओं ने लिया कार्ड
अधिकारियों के अनुसार, मार्च में पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड की शुरुआत होने के बाद से करीब 19 लाख महिलाएं इसका लाभ उठा चुकी हैं। जिन महिलाओं ने अभी तक कार्ड के लिए पंजीकरण नहीं कराया है, उनके लिए पंजीकरण और कार्ड जारी करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
सरकार की ओर से कार्ड के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बस डिपो, बसों में घोषणाओं, सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया समेत अन्य माध्यमों से अभियान चलाया जाएगा।