मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल से सामने आया एक वीडियो अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। राघौगढ़ की रहने वाली कृष्णाबाई को अपने बीमार और दिव्यांग भाई जगदीश को स्ट्रेचर नहीं मिलने पर पीठ पर लादकर वार्ड तक ले जाना पड़ा।
Knews Desk- मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल से मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां एक बहन को अपने बीमार और दिव्यांग भाई को अस्पताल के वार्ड तक पहुंचाने के लिए खुद ही उसे पीठ पर लादना पड़ा। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में राघौगढ़ क्षेत्र की रहने वाली कृष्णाबाई अपने भाई जगदीश को पीठ पर बैठाकर अस्पताल के अंदर वार्ड की ओर जाती हुई नजर आ रही हैं।
जानकारी के अनुसार, कृष्णाबाई अपने दिव्यांग भाई जगदीश को इलाज के लिए गुना जिला अस्पताल लेकर पहुंची थीं। जगदीश पिछले करीब एक साल से बीमार हैं। उनकी दिव्यांगता के कारण वह ठीक से चल-फिर भी नहीं सकते। ऐसे में उन्हें अस्पताल के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक ले जाने के लिए सहारे या स्ट्रेचर की जरूरत थी।
कृष्णाबाई के मुताबिक, जब वह अपने भाई को लेकर अस्पताल पहुंचीं और उसे वार्ड तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर की जरूरत पड़ी, तो उन्हें स्ट्रेचर नहीं मिला। उन्होंने बताया कि काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद उन्हें अस्पताल की ओर से मदद नहीं मिल सकी। इस दौरान उनका बीमार भाई अस्पताल में ही था और उसे वार्ड तक पहुंचाना जरूरी था।
काफी इंतजार के बाद जब कोई कर्मचारी मदद के लिए नहीं आया तो कृष्णाबाई ने खुद अपने भाई को पीठ पर बैठाया। इसके बाद वह उसे पीठ पर लादकर वार्ड तक ले गईं। सामने आए वीडियो में वह अपने भाई को लेकर अस्पताल के अंदर जाती हुई दिखाई दे रही हैं। यह दृश्य अस्पताल आने वाले लोगों और वहां मौजूद अन्य लोगों के लिए भी भावुक कर देने वाला रहा।
इस पूरे मामले ने अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल में स्ट्रेचर जैसी जरूरी सुविधा की जरूरत पड़ने पर मरीज के परिजनों को खुद ही व्यवस्था करनी पड़े, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
कृष्णाबाई के सामने उस समय सबसे बड़ी चुनौती अपने भाई को वार्ड तक पहुंचाने की थी। भाई की बीमारी और दिव्यांगता के कारण वह खुद चलकर वार्ड तक नहीं जा सकता था। ऐसे में बहन ने किसी कर्मचारी के आने का इंतजार करने के बजाय खुद उसे पीठ पर उठाया और वार्ड तक पहुंचाया।
गुना जिला अस्पताल से सामने आए इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींचा है। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मरीजों को जरूरत के समय स्ट्रेचर और जरूरी सहायता क्यों नहीं मिल पाई। फिलहाल इस घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई या स्पष्टीकरण की जानकारी सामने नहीं आई है।