ओखला लैंडफिल साइट पहुंचीं CM रेखा गुप्ता, 217.17 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण का दावा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को ओखला लैंडफिल साइट का निरीक्षण किया और कचरा निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइटों से पिछले करीब डेढ़ साल में 217.17 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण और करीब 100 एकड़ जमीन मुक्त होने की जानकारी दी।

Knews Desk – दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को ओखला लैंडफिल साइट का दौरा कर जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से कचरा निस्तारण की वर्तमान स्थिति, साइट पर उपलब्ध क्षेत्र और नई प्रोसेसिंग सुविधाओं की क्षमता को लेकर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से जमा कूड़े के पहाड़ों को कम करने के साथ-साथ रोजाना निकलने वाले नए कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण करना भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले लगभग डेढ़ वर्षों में ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइटों पर 217.17 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया गया है और करीब 100 एकड़ जमीन मुक्त कराई गई है।

नए कचरे को पहाड़ बनने से रोकने पर फोकस

साइट की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल पुराने कचरे को हटाना पर्याप्त नहीं है। इसके साथ रोजाना आने वाले नए कचरे के वैज्ञानिक प्रसंस्करण की व्यवस्था भी मजबूत की जाए।

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रेखा गुप्ता ने कहा कि ओखला में जनवरी 2025 से पहले मौजूद लगभग पूरा पुराना कचरा प्रोसेस किया जा चुका है। उनके मुताबिक, ओखला साइट पर रोजाना करीब 3,000 से 4,000 मीट्रिक टन कचरा पहुंचता है और नई प्रोसेसिंग यूनिट के जरिए इसका नियमित प्रसंस्करण किया जाएगा।

सरकार ने ओखला, गाजीपुर और सिंघोला में नई कचरा प्रसंस्करण सुविधाओं की आधारशिला भी रखी है। इन सुविधाओं का उद्देश्य पुराने कचरे के निस्तारण के साथ नए कचरे और निर्माण एवं विध्वंस से निकलने वाले कचरे का प्रसंस्करण करना है।

दिल्ली को स्वच्छ बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कचरा प्रबंधन के साथ-साथ वेस्ट-टू-रिसोर्स, बायोगैस, ग्रीन एनर्जी और खाद जैसी व्यवस्थाओं पर भी काम कर रही है। नई सुविधाओं के जरिए रोजाना पैदा होने वाले कचरे को उसी गति से प्रोसेस करने और लैंडफिल साइटों पर नए कूड़े के पहाड़ बनने से रोकने का लक्ष्य रखा गया है।

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इससे पहले अगस्त में दिल्ली सरकार ने बताया था कि ओखला में करीब 70 लाख मीट्रिक टन, भलस्वा में करीब 102 लाख मीट्रिक टन और गाजीपुर में करीब 44 लाख मीट्रिक टन कचरे के प्रसंस्करण से कुल करीब 100 एकड़ जमीन मुक्त हुई है।

दिल्ली में लैंडफिल साइटों से पुराने कचरे को हटाने के साथ नई प्रोसेसिंग क्षमता विकसित करने की प्रक्रिया जारी है। इसके तहत सरकार का लक्ष्य मौजूदा कूड़े के पहाड़ों को कम करने और भविष्य में नए लैंडफिल बनने से रोकने की व्यवस्था तैयार करना है।

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