Packaged Food: स्कूलों में बच्चों को सिखाया जाएगा पैकेट का चेतावनी लेबल पढ़ना? FSSAI ने रखा प्रस्ताव

Knews Desk- FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट के सामने कहा है कि शिक्षा मंत्रालय से पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर फ्रंट-ऑफ-पैक लेबल पढ़ने की जानकारी को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने और बच्चों को लेबल समझने के प्रति जागरूक करने का अनुरोध किया गया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्राधिकरण से सवाल किया था कि जब मामला नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा है तो इसमें इतना समय क्यों लग रहा है।सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद FSSAI ने प्रस्तावों को लेकर अपना लिखित सबमिशन दाखिल किया। प्राधिकरण ने इसमें कहा है कि चेतावनी को प्रमुखता से प्रदर्शित करने वाली FOPNL व्यवस्था को सिंगल फेज में लागू करने की योजना है।

प्राधिकरण के अनुसार, मसौदा नियम तैयार करने और अंतिम अधिसूचना जारी करने की पूरी नियामकीय प्रक्रिया में करीब चार महीने लग सकते हैं। इसमें मसौदा नियम तैयार करना, खाद्य प्राधिकरण और संबंधित मंत्री की मंजूरी, विश्व व्यापार संगठन की आवश्यकताओं के तहत 60 दिन की नोटिस अवधि और कानून मंत्रालय से परीक्षण जैसी प्रक्रियाएं शामिल होंगी।प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पैकेज्ड फूड के पैकेट के सामने प्रमुख जगह पर लाल षट्भुज यानी रेड हेक्सागन के भीतर चेतावनी प्रदर्शित की जाएगी। इसका फॉन्ट पैकेट के पीछे दिए गए पोषण संबंधी विवरण से कम से कम एक प्वाइंट बड़ा रखने का प्रस्ताव है। संबंधित पोषक तत्वों की जानकारी भी एक ही जगह पर देने की बात कही गई है।लेबलिंग में बदलाव लागू होने के बाद निर्माताओं को कम से कम 365 दिन यानी एक साल का समय देने का प्रस्ताव है। प्राधिकरण के अनुसार नए लेबलिंग प्रावधान 1 जुलाई से प्रभावी किए जाने की योजना है। हालांकि अधिसूचना की तारीख से कम से कम 365 दिन का समय दिया जाएगा।

प्रस्तावित व्यवस्था में निर्धारित सीमा से अधिक चीनी, नमक और वसा वाले खाद्य पदार्थों के लिए सामने चेतावनी देने का प्रावधान है। FSSAI ने कहा है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग मॉडल भी मुख्य रूप से इन्हीं पोषक तत्वों पर केंद्रित हैं।मीठे पेय पदार्थों के लिए अलग कैटेगरी का भी प्रस्ताव है। कार्बोनेटेड और कैफीनयुक्त पेय जैसे उत्पादों पर निर्धारित चेतावनी में पेय का नाम प्रदर्शित करने की बात कही गई है। साथ ही गैर-कैलोरी स्वीटनर युक्त उत्पादों पर इसकी स्पष्ट चेतावनी सामने देने का सुझाव है।FSSAI ने खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले एडिटिव को लेकर भी सफाई दी है। प्राधिकरण के अनुसार, इनके अनुमोदन की प्रक्रिया व्यापक और कठोर है। इनकी सुरक्षा की समीक्षा FAO/WHO/JEСFA और अन्य जोखिम आकलन संस्थाओं द्वारा लगातार की जाती है और खाद्य सुरक्षा नियमों में सूचीबद्ध एडिटिव कोडेक्स मानकों के अनुरूप हैं।

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