फ्लाईदुबई फ्लाइट में कैप्टन पर हमला, को-पायलट के ओमान कनेक्शन का खुलासा

Knews Desk– फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट को लेकर नई जानकारी सामने आई है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, को-पायलट की पहचान हमाम अल-हम्मामी के तौर पर हुई है। घटना के करीब तीन दिन बाद उसका नाम सामने आया है। आरोप है कि उसने उड़ान के दौरान कैप्टन पर चाकू से हमला किया और विमान को जमीन की ओर ले जाने की कोशिश की। यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने हस्तक्षेप कर उसे काबू में किया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, हमाम अल-हम्मामी को लेकर ओमान में पहले से चिंता थी। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, उस पर कट्टरपंथी विचारधारा अपनाने का शक था और इसी वजह से ओमान ने उसके विमान उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया था। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ओमान ने इस प्रतिबंध और अपनी चिंताओं की जानकारी दूसरे देशों या एयरलाइंस के साथ साझा की थी या नहीं।सबसे अहम सवाल यह है कि प्रतिबंध के बावजूद हमाम अल-हम्मामी को फ्लाईदुबई में नौकरी कैसे मिली और वह UAE तथा इजरायल को जोड़ने वाले संवेदनशील रूट पर विमान कैसे उड़ा रहा था। इस पहलू की भी जांच की जा सकती है।

यह घटना फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और उसमें 170 से ज्यादा यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। घटना के दौरान फ्लाइट का नियंत्रण बिगड़ने के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान तेजी से नीचे आया और उत्तर की ओर मुड़ा था। इससे पहले सामने आई जानकारी के अनुसार, विमान थोड़े समय में हजारों फीट नीचे आ गया था। घटना के समय फ्लाइट में फ्लाईदुबई के रिजर्व पायलट भी मौजूद थे। यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मदद से को-पायलट को काबू में किया गया। इसके बाद रिजर्व पायलट क्रू ने विमान को उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा। सऊदी अधिकारियों ने को-पायलट को हिरासत में लिया और बाद में उसे संयुक्त अरब अमीरात को सौंप दिया गया।

अब इस मामले की जांच UAE में आगे बढ़ रही है। इजरायली अधिकारी भी जांच में शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि विमान में वास्तव में क्या हुआ था, को-पायलट की मंशा क्या थी और उसके बैकग्राउंड से जुड़ी जानकारी क्या है। यह भी जांच का हिस्सा है कि घटना का किसी आतंकी गतिविधि या उद्देश्य से कोई संबंध था या नहीं और क्या इसके पीछे पहले से कोई योजना या निर्देश शामिल था।इससे पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि को-पायलट के सोशल मीडिया पोस्ट में यहूदियों को मारने की बातों का जिक्र था। यह जानकारी एक इजरायली अधिकारी के हवाले से सामने आई थी। इन दावों की जांच के दौरान संबंधित पोस्ट और उनके संदर्भ की भी पड़ताल की जा सकती है।फ्लाईदुबई के चीफ एग्जीक्यूटिव गैथ अल गैथ ने घटना को ‘सेफ्टी इंसिडेंट’ बताया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी मामले की आधिकारिक जांच कर रहे हैं और एयरलाइन जांच में सहयोग कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना से जुड़े कई सवाल हैं और जांच को तथ्यों तक पहुंचने का मौका दिया जाना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *