KNEWS DESK- बसपा से निष्कासन के बाद आकाश आनंद ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने मायावती को अपना राजनीतिक गुरु और प्रेरणा बताते हुए कहा कि वह किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल नहीं होने जा रहे हैं। आकाश ने कहा कि बसपा उनके लिए सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि परिवार है।
आकाश आनंद ने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को बसपा से बाहर करने और उनके राजनीति से संन्यास लेने के मायावती के फैसले को उचित बताया। उन्होंने कहा कि वह मायावती के इस फैसले के साथ खड़े हैं और पार्टी व बहुजन मिशन की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने मायावती की एक सोशल मीडिया पोस्ट को रीपोस्ट नहीं कर पाने को लेकर भी सफाई दी। आकाश ने कहा कि वह उस समय सोशल मीडिया से दूर थे, जिसके कारण पोस्ट शेयर नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि उनकी चुप्पी को गलत समझा गया और इससे अफवाहों को जगह मिली। उन्होंने इसके लिए मायावती से माफी भी मांगी।
आकाश आनंद ने मायावती से दोबारा पार्टी और बहुजन मिशन की सेवा करने का अवसर देने की अपील की। इससे पहले सितंबर में मायावती ने उन्हें राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटाने के बाद पार्टी से अलग कर दिया था। बाद में मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को संगठन में आगे बढ़ाने की बात कही थी।